दिल्ली प्रशासन के मकान खाली करने के नोटिस पर प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को दिल्ली के लुटियंस जोन में स्थित अपने ऐतिहासिक मुख्यालय, 24 अकबर रोड को खाली करने का अंतिम नोटिस दिया गया है। संपदा निदेशालय द्वारा जारी इस नोटिस में पार्टी को 28 मार्च 2026 तक परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया है। यह कार्यालय 1978 से कांग्रेस की पहचान रहा है।
इसके साथ ही, 5 रायसीना रोड स्थित भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यालय को भी इसी समय सीमा के भीतर खाली करने का नोटिस मिला है। सरकार का तर्क है कि कांग्रेस ने आईटीओ के पास कोटला मार्ग पर अपने नए मुख्यालय, इन्दिरा भवन का निर्माण पूरा कर लिया है और जनवरी 2025 में वहां स्थानांतरित भी हो चुकी है। नियमों के अनुसार, स्थायी कार्यालय मिलने के बाद सरकारी बंगले खाली करने होते हैं।
कांग्रेस ने इस कदम को अवैध और राजनीति से प्रेरित बताया है। वरिष्ठ वकील और कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि पार्टी इस निष्कासन को रोकने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है और अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे अकबर रोड कार्यालय के लिए बाजार दर पर किराया दे रहे हैं।
पार्टी ने भाजपा का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने भी दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थानांतरित होने के बाद वर्षों तक अपना पुराना कार्यालय (11 अशोक रोड) अपने पास रखा था। 24 अकबर रोड का बंगला 1978 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस (आई) के गठन के बाद पार्टी का केंद्र बना था। यह स्थान दशकों तक भारतीय राजनीति की कई बड़ी घटनाओं और निर्णयों का गवाह रहा है।