Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Bahubali 3 News: क्या राजामौली लेकर आएंगे बाहुबली की अगली कड़ी? डॉक्यूमेंट्री में खुला बड़ा राज International Conflict: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ता तनाव; अज्ञात हमले के बाद जहाजों की सुरक्षा पर मं... Stock Market Holiday: मुहर्रम के कारण आज बंद रहेगा शेयर बाजार; जानिए कब होगी अगली ट्रेडिंग Earthquake Alert Technology: हिमालयी क्षेत्र में भूकंप की चेतावनी के लिए नई पहल; जानें पी-वेव (P-Wav... Kamakhya Temple Reopens: अंबुबाची मेले के समापन के बाद खुले कामाख्या मंदिर के कपाट; उमड़ी भक्तों की भ... Pregnancy Tips: गर्भावस्था में सुबह की धूप लेना कितना सुरक्षित? जानें विशेषज्ञों की राय और फायदे Passport Application Online: पासपोर्ट की नई कीमतें लागू होने से पहले करें आवेदन; जानें पूरी प्रक्रिय... Indian Education Update: एनसीईआरटी ने अपडेट किया कक्षा 9 का सोशल साइंस पाठ्यक्रम; SIR, EVM और गठबंधन... Ram Mandir Trust Meeting: चढ़ावा विवाद के बीच विहिप और ट्रस्ट की अहम बैठक; चंपत राय पर टिकी सबकी नजर... Bihar Sugarcane Policy 2026: बिहार सरकार का बड़ा ऐलान; मात्र 1 रुपये में मिलेगी 40 एकड़ जमीन, चीनी मिल...

चीनी जासूस ऑनलाइन जॉब प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे

फाइव आइज सुरक्षा गठबंधन ने चेतावनी जारी कर दी

  • गोपनीय जानकारी तक पहुंच की साजिश

  • साइटों पर निरंतर निगरानी करते रहते हैं

  • सूचना के आधार पर भुगतान भी होता है

एजेंसियां

वाशिंगटनः अमेरिका और ब्रिटेन सहित फाइव आइज़ सुरक्षा गठबंधन की खुफिया एजेंसियों ने बुधवार को एक साझा चेतावनी जारी की है। इसमें कहा गया है कि चीनी जासूस संवेदनशील जानकारी तक पहुंच रखने वाले लोगों को भर्ती करने के लिए ऑनलाइन जॉब प्लेटफॉर्म का आक्रामक तरीके से उपयोग कर रहे हैं। सेफगार्डिंग आवर सीक्रेट्स (हमारी गुप्त जानकारी की सुरक्षा) नामक बुलेटिन में बताया गया है कि चीन की सैन्य खुफिया सेवाएं पेशेवर नेटवर्किंग साइटों और ऑनलाइन भर्ती सेवाओं का उपयोग सरकारी अधिकारियों, सैन्य कर्मियों या उन किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए कर रही हैं, जिनकी पहुंच गोपनीय जानकारी तक है।

अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की घरेलू सुरक्षा एजेंसियों ने कहा, चीन की सैन्य खुफिया सेवाओं का अंतिम उद्देश्य ऐसी सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक खुफिया जानकारी हासिल करना है, जो उन्हें फाइव आइज़ देशों के मुकाबले रणनीतिक और सामरिक बढ़त प्रदान कर सके। हालांकि अलग-अलग देशों द्वारा पहले भी ऐसी चेतावनी दी जाती रही है, लेकिन इस बार का संयुक्त बुलेटिन अभूतपूर्व माना जा रहा है। बीजिंग ने इन जासूसी दावों को बार-बार खारिज करते हुए इन्हें कोरी कल्पना और दुर्भावनापूर्ण बदनामी करार दिया है।

बुलेटिन में फाइव आइज़ एजेंसियों ने कहा कि चीनी जासूस विशेष रूप से रक्षा, विदेश मामलों और खुफिया क्षेत्र के विशेषज्ञों को निशाना बना रहे हैं। इसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तैनात सैन्य कर्मी भी शामिल हैं। इनके अलावा, पत्रकार, थिंक टैंक के कर्मचारी या सरकारी डेटा तक मामूली पहुंच रखने वाले लोग भी खतरे में हैं। बुलेटिन के अनुसार, ये जासूस आक्रामक ऑनलाइन भर्ती रणनीति का उपयोग करते हैं और सफल उम्मीदवारों पर चीनी सरकार से जुड़े अज्ञात ग्राहकों के लिए गोपनीय जानकारी देने का दबाव डालते हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि भर्ती किए गए लोगों को प्रत्येक रिपोर्ट के लिए कुछ सौ से लेकर कई हजार डॉलर तक का भुगतान किया जा सकता है, और अधिक संवेदनशील जानकारी के लिए और भी ज्यादा राशि की पेशकश की जाती है। अमेरिका पहले भी चीन पर धोखे का उपयोग करके मौजूदा और पूर्व अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाने की चेतावनी दे चुका है, वहीं ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई 5 ने पिछले नवंबर में सांसदों को चीनी एजेंटों द्वारा संसद में जासूसी करने की कोशिशों के प्रति आगाह किया था।