Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
NEET-UG 2026 Paper Leak: सीबीआई की बड़ी कामयाबी, मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी गिरफ... Punjab Politics: पंजाब में SIR को लेकर सियासी घमासान, चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उठाए... Varanasi News: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण तेज, 31 मई तक खाली होंगी 6 मस्जिदें समेत 187 संपत्तियां धार भोजशाला में मां सरस्वती का मंदिर, मुस्लिम पक्ष के लिए अलग जमीन… जानें हाई कोर्ट के फैसले में क्य... Ahmedabad-Dholera Rail: अहमदाबाद से धोलेरा अब सिर्फ 45 मिनट में, भारत की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड... Namo Bharat FOB: निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और सराय काले खां नमो भारत स्टेशन के बीच फुटओवर ब्रिज शुरू Sant Kabir Nagar News: मदरसा बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, डीएम और कमिश्नर का आदेश रद्द Patna News: बालगृह के बच्चों के लिए बिहार सरकार की बड़ी पहल, 14 ट्रेड में मिलेगी फ्री ट्रेनिंग और नौ... Mumbai Murder: मुंबई के आरे में सनसनीखेज हत्या, पत्नी के सामने प्रेमी का गला रेता; आरोपी गिरफ्तार Supreme Court News: फ्यूल संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, वर्चुअल सुनवाई और वर्क फ्रॉम होम ...

सीसीटीवी और एप्स के जरिए विदेशी जासूसीः राहुल गांधी

सरकार अब भी जनता से असली खतरा छिपा रही है

  • संसद में सरकार ने जबाव नहीं दिया

  • विदेशी ए आई भी डेटा हासिल कर रहे

  • सरकार का उत्तर असंतोषजनक ही रहा

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार चीनी सीसीटीवी कैमरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले विदेशी निगरानी के खतरों को छिपा रही है। उन्होंने दावा किया कि इससे देश के नागरिकों की सुरक्षा के साथ समझौता हो सकता है।

फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अपनी विफलताओं को ढकने और लोगों को अंधेरे में रखने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे भारत को अनभिज्ञ रखने की एक जानबूझकर की गई साजिश करार दिया। गांधी का दावा है कि सार्वजनिक उपयोग में चीनी सीसीटीवी कैमरों पर प्रतिबंध के बावजूद, ऐसे उपकरण अभी भी सरकारी इमारतों के भीतर लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा, प्रतिबंधित चीनी ऐप्स बदले हुए नामों के साथ फिर से सामने आ रहे हैं। विदेशी एआई प्लेटफॉर्म संवेदनशील डेटा को प्रोसेस कर रहे हैं और सरकार के पास इस पर कहने के लिए कुछ भी नहीं है।

राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने यह मुद्दा लोकसभा में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से एक अतारांकित प्रश्न के माध्यम से उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालय का जवाब अधूरा था और उसमें मुख्य चिंताओं पर कोई विशिष्ट जानकारी नहीं दी गई।

गांधी ने पूछा, हमारे कैमरे किन देशों से आए हैं? सुरक्षा के दृष्टिकोण से कितने कैमरे प्रमाणित हैं? कौन से विदेशी एआई प्लेटफॉर्म सरकारी डेटा का उपयोग कर रहे हैं? उनके अनुसार, मंत्रालय के जवाब में न तो कोई आंकड़े थे और न ही किसी एक प्लेटफॉर्म का नाम दिया गया था। उन्होंने कहा कि लगभग 10 लाख चीनी कैमरों से जुड़े जोखिमों को पहले स्वीकार करने के बावजूद, सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मौजूदा सिस्टम सुरक्षित हैं या नहीं।

राहुल गांधी के सवालों का जवाब देते हुए राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि सरकार साइबर सुरक्षा जोखिमों के प्रति सचेत है और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि दूरसंचार नेटवर्क को सुरक्षित करना, कानूनी ढांचे को मजबूत करना और सीसीटीवी सिस्टम के मानकों को बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।

प्रसाद ने 2021 के नेशनल सिक्योरिटी डायरेक्टिव ऑन ट्रस्टेड सोर्सेज का हवाला दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दूरसंचार उपकरण विश्वसनीय विक्रेताओं से ही लिए जाएं। उन्होंने डेटा सुरक्षा के लिए दूरसंचार अधिनियम 2023 और डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2022 का भी उल्लेख किया।

राहुल गांधी ने अंत में कहा कि विस्तृत जानकारी न देना पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाता है। विदेशी निगरानी की वास्तविकता को छिपाकर सरकार हर नागरिक की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है। यह मुद्दा डेटा सुरक्षा और महत्वपूर्ण प्रणालियों में विदेशी तकनीक के उपयोग पर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज करता है।