राष्ट्रपति कास्ट की शिक्षा कटौती का देश में विरोधी
एजेंसियां
सैंटियागो, चिली: बुधवार को चिली की राजधानी सैंटियागो में राष्ट्रपति जोस एंटोनियो कास्ट की शिक्षा कटौती और मितव्ययिता उपायों के खिलाफ एक विशाल विरोध प्रदर्शन हुआ। इस दौरान हजारों छात्र, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए, जिसके परिणामस्वरूप प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें देखने को मिलीं।
अल्ट्रा-कंजर्वेटिव (अति-रूढ़िवादी) विचारधारा वाले राष्ट्रपति कास्ट ने 11 मार्च को पदभार संभालने के बाद देश की राजकोषीय स्थिति में सुधार के लिए अगले 18 महीनों में सार्वजनिक खर्च में लगभग 6 अरब डॉलर की कटौती करने का संकल्प लिया था। इस महत्वाकांक्षी मितव्ययिता योजना के तहत, उनकी सरकार सभी मंत्रालयों के बजट में लगभग 3 फीसद की अनिवार्य कटौती लागू कर रही है। इन कठोर उपायों की आलोचना न केवल विपक्षी दलों द्वारा की जा रही है, बल्कि सत्ताधारी गठबंधन के भीतर से भी आवाजें उठने लगी हैं।
यह प्रदर्शन कॉन्फेडरेशन ऑफ चिलीयन स्टूडेंट्स द्वारा आयोजित किया गया था, जिसे शिक्षक संघ, माध्यमिक स्कूल छात्र संघों और नारीवादी समूहों का भी समर्थन प्राप्त था। मार्च की शुरुआत तो शांतिपूर्ण रही, लेकिन जैसे-जैसे भीड़ आगे बढ़ी, तनाव बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसके जवाब में कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। हिंसा के कारण शहर की कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं और कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए।
चिलियन शिक्षक संघ के अध्यक्ष मारियो एगुइलर ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, सरकार ने जानबूझकर यह स्थिति पैदा की है ताकि दमन को उचित ठहराया जा सके। प्रदर्शनकारी सरकार के राष्ट्रीय पुनर्निर्माण विधेयक (National Reconstruction bill) का भी विरोध कर रहे हैं। यह एक व्यापक सुधार पैकेज है जिसका उद्देश्य सरकारी खर्च कम करना, निवेश को प्रोत्साहित करना और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।
मेगा-रिफॉर्म के नाम से चर्चित यह विधेयक मई के अंत में चैंबर ऑफ डेप्युटीज द्वारा पारित किया जा चुका है और अब इसे सीनेट में बहस के लिए रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इन कटौती के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। हालांकि पुलिस और सरकारी अधिकारियों ने फिलहाल झड़पों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार, हिंसा के दौरान कम से कम एक दर्जन गिरफ्तारियां हुई हैं और कई लोग घायल हुए हैं।