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सिक्किम में भूस्खलन से तीन सैनिकों की मौत

समूचे पूर्वोत्तर में बारिश और बाढ़ से तबाही का दौर जारी

  • उत्तरी सिक्किम के चट्टेन में बड़ा हादसा

  • लाचुंग में फंसे हुए हैं अनेक पर्यटक भी

  • पर्यटक कार उफनती तीस्ता नदी में गिरी

गंगटोकः उत्तरी सिक्किम के चट्टेन इलाके में रविवार शाम को हुए ताजा भूस्खलन में तीन जवानों की मौत हो गयी। इन लोगों के घर भूस्खलन के मलबे में दब गये। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तरी जिले में मौसम में सुधार के बीच सोमवार को लगभग 1,500 फंसे हुए पर्यटकों को निकालने का काम शुरू हुआ।

सुदूरवर्ती उत्तरी सिक्किम से आज सुबह एक रेडियो संदेश में कहा गया, रविवार शाम सात बजे उत्तरी सिक्किम के चट्टेन में भूस्खलन होने से उसके आस-पास के आवासों को नुकसान पहुंचा। तीन शव बरामद किए गए हैं जिनमें कुछ बचावकर्मी भी शामिल हैं। कई अन्य के लापता होने की आशंका जतायी गयी है।

मृतकों की पहचान करने और तलाशी अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कई दिनों तक फंसे रहने के बाद उत्तरी सिक्किम के लाचुंग से पर्यटकों को आज सुबह से निकाला जा रहा है। एक संदेश में कहा गया कि फंसे हुए यात्रियों ने निकालने वालों के प्रति अपार राहत और आभार व्यक्त किया है।

सूत्रों ने बताया, भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ और बाहर निकलने के लिए मुख्य सड़कें बंद हो गईं। उन्होंने बताया कि लाचुंग में फंसे पर्यटकों को पूर्वी जिले में सिक्किम की राजधानी गंगटोक वापस जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। उत्तरी सिक्किम के आखिरी गांव लाचेन और लाचुंग गंगटोक से करीब 110 किलोमीटर दूर स्थित हैं।

भारी बारिश और भूस्खलन के बाद पर्यटक वहां गुरुवार से ही फंसे हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि गुरुवार शाम को चुंगथांग के पास कुल 10 यात्रियों को ले जा रही एक पर्यटक कार सड़क से फिसलकर उफनती तीस्ता नदी में गिर गई। दो लोग घायल हो गए, एक शव बरामद किया गया और बाकी आठ लापता हैं। लापता पर्यटकों में ओडिशा के चार और उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा के दो-दो थे। सभी लापता व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है और आज तलाशी अभियान फिर से शुरू किया गया है।

पूरे पूर्वोत्तर में इनदिनों भारी बारिश और बाढ़ का विनाशकारी असर देखने को मिल रहा है। एक सरकारी विज्ञप्ति में सोमवार को चेतावनी दी गई, हम सभी पर्यटकों को सलाह देते हैं कि वे यात्रा करते समय सावधानी बरतें और आधिकारिक स्रोतों से नवीनतम सड़क और मौसम अपडेट के आधार पर अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

इसके अलावा, वाहन दुर्घटना में शामिल आठ लापता पर्यटकों के लिए खोज और बचाव अभियान अभी भी जारी है। एक रेडियो संदेश में कहा, यह अभियान जिला पुलिस, प्रशासन, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सेना, पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), जीआरईएफ, अग्निशमन और चिकित्सा दल, टीएएएस और अन्य पर्यटन हितधारकों, आईएचसीएई केमची, चालक संघ के साथ-साथ स्थानीय स्वयंसेवकों और अन्य लोगों के सहयोग से चलाया जा रहा है। एक अधिकारी ने कहा, बचाए गए दो पर्यटक जिनका एसटीएनएम अस्पताल, गंगटोक में इलाज चल रहा था, अब उनकी हालत स्थिर हैं और हालत में सुधार हो रहा है।