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रांची के नामांकन की बड़ी खामी का अब पता चला

अंदर में बाथरूम की कोई सुविधा नहीं

  • सिर्फ पांच लोग ही अंदर जा सकते हैं

  • अंदर से बाहर आने की अनुमति नहीं

  • लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं

राष्ट्रीय खबर

रांचीः रांची में नामांकन करने जाइये तो प्राकृतिक जरूरतों को कई घंटों के लिए दबाना पड़ेगा। इस बार के नामांकन की यह खामी सामने आयी है। तमाम मुद्दों पर गौर करने के बाद भी राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग का ध्यान इस तरफ क्यों नहीं गया, यह अपने आप में बड़ा सवाल बनकर उभरा है।

नामांकन की प्रक्रिया पहले से ही निर्धारित है कि किसी भी प्रत्याशी के साथ सिर्फ चार लोग यानी कुल पांच लोग ही अंदर जा सकते हैं। गाजा बाजा और जुलूस लेकर नामांकन के लिए आने वाले भी अपना सारा ताम झाम बाहर छोड़कर इसी शर्त के तहत नामांकन के लिए प्रवेश करते हैं। इस प्रक्रिया के तहत असली पेंच बाहर आने अथवा जाने पर प्रतिबंध का है। यानी अंदर गये लोग इस दौरान बाहर नहीं आ सकते और बाहर का कोई दूसरा अंदर नहीं जा सकता। किसी वजह से अगर इन पांच लोगों में से कोई एक बाहर चला भी गया तो उसे दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं है।

इस नियम से किसी को कोई परेशानी भी नहीं है। अंदर की व्यवस्था की परेशानी यह है कि बाहर से आने वालों के लिए वहां बाथरूम तक का कोई इंतजाम नहीं है। यानी प्राकृतिक आवश्यकताओं के दौरान भी अगर आप बाहर निकले तो दोबारा अंदर नहीं जा सकते। अंदर में नामांकन करने वालों के लिए बाथरूम का इंतजाम क्यों नहीं किया गया है, इस सवाल का उत्तर अब तक नहीं मिल पाया है।

सामान्य तौर पर किसी भी सरकारी कार्यालय में इस किस्म की व्यवस्था का होना एक सामान्य जरूरत है। यूं तो समाहरणालय के दोनों आलीशान भवनों में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं तो काम चलाऊ मानी जा सकती है। फिर भी नामांकन के लिए किसी निर्वाचन अधिकारी के पास गये लोगों को यह आवश्यक सुविधा क्यों उपलब्ध नहीं करायी गयी है, इस पर किसी राजनीतिक दल ने भी अब तक कोई सवाल नहीं उठाया है।