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सीबीआई की जांच में 26 लोग फंसे

पूरी दुनिया में कॉल सेंटर के नाम पर धोखाधड़ी का धंधा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः वैश्विक साइबर धोखाधड़ी के लिए सीबीआई के जाल में 26 लोग फंसे हैं। इस दौरान अधिकारियों ने 58.45 लाख रुपये, तीन लग्जरी कारें जब्त कीं है। सीबीआई ने पिछले चार दिनों में वैश्विक स्तर पर लोगों को निशाना बनाकर धोखाधड़ी करने वाली गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 26 कथित साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

पिछले गुरुवार से पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और विशाखापत्तनम में 32 जगहों पर छापेमारी के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं। केंद्रीय एजेंसी ने 58.45 लाख रुपये, लॉकर की चाबियां और तीन लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं।

सूत्रों ने बताया कि चार कॉल सेंटर – पुणे के रीजेंट प्लाजा में वी.सी. इंफ्रोमेट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड; विशाखापत्तनम के मुरली नगर में वी.सी. इंफ्रोमेट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड; हैदराबाद में वायाजेक्स सॉल्यूशंस; और विशाखापत्तनम में अत्रिया ग्लोबल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड – उन जगहों में शामिल थे, जहां सीबीआई ने छापेमारी की।

एजेंसी ने चार कॉल सेंटरों में लाइव ऑनलाइन आपराधिक गतिविधियों में शामिल 170 लोगों को पकड़ा। एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा, इस ऑपरेशन में लक्षित साइबर अपराधी कई तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल थे, जिसमें तकनीकी सहायता सेवाओं का प्रतिरूपण करना और पीड़ितों से संपर्क करना शामिल था, खासकर अमेरिका में,

इस आड़ में कि पीड़ितों के सिस्टम को हैक कर लिया गया है। पीड़ितों को बताया गया कि उनकी पहचान चुरा ली गई है और उनके बैंक खातों में अनधिकृत लेनदेन किए जा रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा कि घोटालेबाजों ने पीड़ितों से कहा कि वे अपने-अपने देशों की जांच एजेंसियों की निगरानी में हैं।

इसके बाद साइबर अपराधियों ने पीड़ितों को अपने वित्त की सुरक्षा के बहाने साइबर अपराधियों द्वारा दिए गए नए खातों में अपना पैसा स्थानांतरित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, कुछ मामलों में, साइबर अपराधियों ने पीड़ितों को अंतरराष्ट्रीय उपहार कार्ड या क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से धन हस्तांतरित करने के लिए धमकाया था।