Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
मध्य प्रदेश की राजनीति को बड़ा झटका, पूर्व कैबिनेट मंत्री पारस चंद्र जैन का 76 वर्ष की आयु में निधन मध्य प्रदेश में 60% मूंग की MSP पर खरीदी शुरू, सागर के खरीदी केंद्रों पर फर्जीवाड़ा और अवैध वसूली का... राजा रघुवंशी मर्डर केस: सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द होते ही नया विवाद! शादी के कैटरिंग बिल के ₹2.82 ल... भोपाल के 3500 व्यापारियों को बड़ी राहत, सीलिंग कार्रवाई पर CM मोहन यादव ने लगाई रोक; 10 सदस्यीय समित... रतलाम में दिल दहला देने वाली वारदात: बच्चों के सामने मोबाइल व्यापारी ने चाकू गोदकर की पत्नी की हत्या... रतलाम में लुटेरी दुल्हन गैंग की आशंका: शादी के 5 दिन बाद छत से रस्सी के सहारे भाग रही थी दुल्हन, गिर... दतिया से बड़ी खबर: पूर्व विधायक राजेंद्र भारती कांग्रेस से निलंबित, भितरघात और बीजेपी से सांठगांठ का... सिंगरौली में पीसीएस अधिकारी की इंसानियत की अनूठी मिसाल, कैंसर पीड़ित मासूम के लिए मुड़वाया अपना सिर रतलाम में दिल दहला देने वाली वारदात: बच्चों के सामने मोबाइल व्यापारी ने चाकू गोदकर की पत्नी की हत्या... विदेश में इमाम बनाने का सपना दिखा रायसेन के फैजान से ठगी: ओमान में कराया टॉयलेट साफ, भारतीय दूतावास ...

अडाणी कांड के बाद अब दूसरा नंबर किसका आयेगा

हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक्स पर संकेत दिया

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः हिंडनबर्ग रिसर्च शायद भारत में कोई नया धमाका करने जा रहा है। इस शॉर्ट सेलर कंपनी ने आज सुबह ही एक्स पर इसका संकेत देते हुए लिखा है कि भारत में जल्द ही कुछ बड़ा होगा। वैसे इस संदेश में इससे अधिक कुछ और खुलासा नहीं किया गया है। फिर भी इस संदेश की वजह से भारतीय कारोबारी जगत का ध्यान उसकी तरफ चला गया है क्योंकि सभी को अगली जानकारी की उत्सुकता है।

शेयर बाजार पर भी इसका असर होने का प्रभाव देश पहले ही देख चुका है।शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने सुझाव दिया कि एक भारतीय कंपनी से जुड़ा एक और बड़ा खुलासा आसन्न हो सकता है।

फर्म ने 10 अगस्त को ट्विटर के नाम से जाने जाने वाले प्लेटफॉर्म एक्स पर एक गुप्त संदेश पोस्ट किया, जिसमें कहा गया था, भारत में जल्द ही कुछ बड़ा होगा।

जनवरी 2023 में, अडाणी एंटरप्राइजेज द्वारा शेयर बिक्री शुरू करने की योजना बनाने से ठीक पहले, हिंडनबर्ग ने समूह की तीखी आलोचना जारी की। उस रिपोर्ट का नतीजा काफी बड़ा था।

अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई, जिससे बाजार पूंजीकरण में लगभग 86 बिलियन डॉलर की गिरावट आई। इसके अतिरिक्त, समूह के विदेश में सूचीबद्ध बॉन्ड में आरोप के जवाब में उल्लेखनीय बिक्री हुई।

वैसे हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को अब भी पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सका है। सरकार की तरफ से अनेक दलीलें दिये जाने के बाद भी दुबई में रहने वाले अडाणी परिवार के एक सदस्य तथा उनके चीनी सहयोगी की स्थिति केंद्र सरकार अब तक स्पष्ट नहीं कर पायी है।

दूसरी तरफ पिछली बार की रिपोर्ट के बाद विपक्ष ने भी मोदी सरकार पर अडाणी समूह के जरिए विदेश से हवाला कारोबार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। इस वजह से सरकार को पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भी अनेक सीटों का नुकसान हुआ है।

लिहाजा इस बार हिंडनबर्ग क्या खुलासा करता है, इससे भी भारतीय शेयर बाजार की चाल बदल सकती है। अनुमान है कि इस बार भी किसी औद्योगिक घराने को लेकर ही कोई नई रिपोर्ट जारी की जाएगी, जिसका भारतीय राजनीति पर असर पड़ना स्वाभाविक है।