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राम मंदिर की प्रतिष्ठा दोबारा की जायेगी: शंकराचार्य

राजस्थान के अलवर में ज्योतिष पीठाधीश्वर का बयान चर्चा में


  • पहले वह महज राजनीतिक इवेंट था

  • अधूरे मंदिर में प्राण प्रतिष्ठ नहीं होती

  • हम सिर्फ धर्मशास्त्र की बात करते है


अलवर: जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर की प्रतिष्ठा दोबारा की जायेगी, जो जनवरी माह में प्रतिष्ठा की गयी थी, वह प्रतिष्ठा नहीं बल्कि एक राजनीतिक इवेंट था। ज्योतिष पीठाधीश्वर अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यह बात बुधवार को अलवर में पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि धर्म शास्त्रों में यह कहीं भी नहीं लिखा कि अधूरे मंदिर की प्रतिष्ठा की जाये, अभी 30 फीसदी निर्माण कार्य हुआ है, ऐसे में प्रतिष्ठा नहीं की जानी चाहिये, अब इसकी दोबारा प्रतिष्ठा होगी। देश-विदेश का कोई भी पंडित यह बता दे कि अधूरे मंदिर की प्रतिष्ठा की जा सकती है।

उन्होंने कहा की प्रतिष्ठा शब्द को धूमिल किया गया है, ऐसा नहीं किया जाना चाहिये, बल्कि अगर लाभ लेना था, तो इस पर कोई भी कार्यक्रम करा सकते थे और दूसरे शब्दों का उपयोग किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम भी सामने आयेगा। उन्होंने कहा कि कभी भी धर्म शास्त्रों के दुश्मन मत बनो। जब किसी का उद्देश्य पूरा नहीं होता, तो उसके दुष्परिणाम भी सामने आयेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हिंदुत्व के चेहरे के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक हिन्दुत्व की बात तो कोई भी कर सकता है, लेकिन सच्चा हिंदू वही है, जो राजनीति से पहले हिंदू की बात करें। राम मंदिर मामले पर विरोध के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमेशा सच का विरोध होता है। हमें इस मामले में गालियां भी सुननी पड़ीं। लाखों लोगों ने गालियां दीं, लेकिन लेकिन अंत में लोग हमारे साथ भी हुये।

राम मंदिर के मामले पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी भी राम मंदिर का कोई मामला अदालत में नहीं लड़ा। वर्ष 1986 में हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी अयोध्या मामले पर कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया, बल्कि कहा कि भाजपा इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगी। अयोध्या का मुद्दा बिना कानून के लिये लड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि राजनीति से उनका कोई लेना-देना नहीं है, धर्म के क्षेत्र में जाना उनकी प्राथमिकता है, जो भी सनातन अनुयायी हैं, उन पर गो हत्या का पाप न लगे।

उन्होंने कहा कि वह उस गौ सेवक का सम्मान करते है, जो सरकार में आने पर गौ हत्या का विरोध करता है और कानून बनाता है। उन्होंने कहा कि सरकार में आने के बाद कोई गौ हत्या का विरोध नहीं करता और समर्थन करता है, तो वह भी पाप का भागीदार है। उन्होंने कहा कि हत्या करने वालों का समर्थन मत करो।

वोट मत दो , जिसने गौ हत्या रोकने की शपथ ली हैं, उसे वोट दीजिये। यही काम हम कर रहे हैं कि पूरे देश में गो रक्षा संकल्प यात्रा निकाली जा रही है, जिसके माध्यम से गायों को बचाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के 50 जिलों में गौ संकल्प यात्रा निकाली जायेगी, जिसकी शुरुआत अलवर से की जा रही है और हमारे जितने भी कार्यक्रम हैं, उसमें हमें यही संकल्प दिलवाते हैं कि वह गौ रक्षा करनी है।

इससे पहले पंजाब के 23 जिलों में भी ऐसे सम्मेलन किये गये और यह हर हिंदू का दायित्व है कि वह गाय की रक्षा करें। इसके लिये 35 करोड़ मतदाता संकल्पित करने हैं, जो गोरक्षा के लिये काम करें। जिस दिन 35 करोड़ मतदाता संकल्पित हो गये, उसे दिन गाय काटना बंद हो जायेगा। उन्होंने गौ रक्षा के लिये सभी पार्टियों से कहा था, लेकिन भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने हमारा समर्थन नहीं किया 76 पार्टियों ने हमें शपथ पत्र दिया है, जिसमें वह हत्या बंद करने की बात की गयी है, लेकिन इसमें वह पार्टियां नहीं है, जो अभी सत्ता में सहयोगी हैं।