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भट्टी के आने के बाद क्यों दिल्ली जाना चाहते हैं अधिकारी

  • 1995 बैच की महिला अधिकारी जाएंगी

  • 1996 बैच के दूसरे अधिकारी भी जाएंगे

  • दो एडीजी स्तर के अधिकारियों को अनुमति

दीपक नौरंगी

पटनाः बिहार में इन दोनों फिर आईपीएस अधिकारी सुर्खियों में बने हैं क्योंकि हाल फिलहाल बिहार में करीब आधे दर्जन से भी अधिक आईपीएस अधिकारी क्यों केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहते हैं। सूत्रों पर विश्वास करें तो एडीजी स्तर के आईपीएस अधिकारी श्रीनिवासन, निर्मल कुमार आजाद, महिला आईपीएस आर मलर विलि, 96 बैच आईपीएस  अनिल किशोर यादव सहित सहित कई आईपीएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति जाना चाहते हैं।

चर्चाओं पर भरोसा करें तो डीजीपी भट्टी के पदभार ग्रहण करने के बाद पुलिस मुख्यालय में तैनात कई जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारी क्यों केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहते हैं। यह एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। लगातार पुलिस विभाग में यह चर्चा है कि भट्टी साहब से वरीय पुलिस पदाधिकारी से आपसी तालमेल में कहीं न कहीं अभाव की कमी देखी जा रही है।

जिसके कारण कई सीनियर पुलिस पदाधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की अपनी इच्छा जता चुके हैं। राज्य सरकार के मुखिया नीतीश कुमार ने डीजीपी राजविंदर सिंह भट्टी पर पूरा भरोसा जताया था। कहीं ना कहीं वर्तमान डीजीपी साहब में जरूर कुछ कमी होगी जिसकी वजह से पुलिस मुख्यालय के कई जिम्मेदार पुलिस पदाधिकारी से काम नहीं लिए जाने की बात भी चर्चा में देखी जा रही है।

यदि चर्चाओं पर भरोसा करें तो सीआईडी विभाग के एक वरीय पुलिस पदाधिकारी से काम नहीं लिया जा रहा है और कई महत्वपूर्ण बैठकों से अलग रखा जा रहा है। सीआईडी विभाग के वरीय पदाधिकारी से काम नहीं लेने के बजाय उनके अधीनस्थ अधिकारियों से कार्य लिया जा रहा है। एडीजी स्तर के पुलिस पदाधिकारी का अपना एक मान सम्मान है।

जब सरकार ने उन्हें उसे पद की जिम्मेदारी दी गई है तो उन पुलिस पदाधिकारी को बैठक से अलग रखना और उनसे कार्य नहीं लिए जाने की चर्चा पुलिस विभाग में एक आम बात सी बनी हुई है। ऐसी कई चर्चाओं पर राज्य सरकार के मुखिया नीतीश कुमार का ध्यान क्यों नहीं जा रहा है किन परिस्थितियों में बिहार में कई वरीय पुलिस पदाधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहते हैं।

अपर पुलिस महानिदेशक आर मलर  विलि( कमजोर विभाग) सीआईडी और अपर पुलिस महानिदेशक अनिल किशोर यादव ट्रेनिंग को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति जाने के लिए राज्य सरकार ने अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया गया है। आने वाले दिनों में पुलिस मुख्यालय में कई तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी यदि केंद्रीय प्रति नियुक्ति पर जाते हैं तो आने वाले दिनों में बिहार में विधि व्यवस्था की स्थिति पर इसका किसी न किसी रूप में प्रभाव देखा जा सकता है।  पुलिस मुख्यालय में क्या हो रहा है और राज्य सरकार के मुखिया को हर एक बिंदु पर अपना विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है कि आखिर वरीय पुलिस पदाधिकारी के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति जाने के कारण और पर्दे के पीछे की सच्चाई क्या है।