इन्हें अशांति फैलाने विदेशी मदद मिल रही है
विदेशी वित्तपोषण के ठोस सबूत हैं
दीपके को अमेरिका से पैसा मिला है
संगठन ने आरोपों का सीधा खंडन किया
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने व्यंग्यात्मक राजनीतिक समूह कॉकरोच जनता पार्टी और इसके प्रमुख समर्थकों पर भारत में अशांति फैलाने के लिए विदेशी गैर-सरकारी संगठनों और शत्रुतापूर्ण बाहरी नेटवर्क से अवैध धन प्राप्त करने का आरोप लगाया है। बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि अधिकारियों के पास संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके और इसके रणनीतिकार आशुतोष रंका को विदेशी वित्तपोषकों से जोड़ने के ठोस सबूत हैं।
सिंह ने कहा, इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि उन्हें अनधिकृत स्रोतों, देश के भीतर और बाहर के भारत-विरोधी गैर-सरकारी संगठनों और भारत-विरोधी संगठनों द्वारा वित्तपोषित किया जा रहा है। अभिजीत दीपके को अमेरिका स्थित दानदाताओं से धन मिल रहा है, जबकि आशुतोष रंका को पाकिस्तानी राजनेताओं द्वारा भुगतान किया गया है।
दूसरी ओर, सीजेपी नेताओं ने विदेशी फंडिंग के इन आरोपों का खंडन किया और सरकार से सवाल किया कि अगर ये आरोप सही थे, तो केंद्रीय नेताओं ने पहले उनके साथ चाय और चर्चा क्यों की थी। सीजेपी के प्रमुख समर्थकों में से एक, सौरव दास ने कहा, कृपया उनसे पूछें कि यदि विदेशी फंडिंग है तो उन्होंने हमसे बात क्यों की, हमारे साथ खाना क्यों खाया और चाय क्यों पी? वे मुख्य मुद्दों को नज़रअंदाज़ करते हैं और विदेशी फंडिंग की बात करते हैं।
भाजपा प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने आरोप लगाया कि सीजेपी के हालिया विरोध प्रदर्शन त्योहारी सीजन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में अराजकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किए गए थे। उन्होंने सीजेपी की तुलना कांग्रेस पार्टी से करते हुए दोनों पर एक ही समय में न्यायपालिका को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया।
राजनीतिक घमासान के बीच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और रंका को पूछताछ के लिए समन भेजा है। जांचकर्ता दोनों से आधिकारिक निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने और दूसरी पार्टी की संपत्ति में अनाधिकृत प्रवेश करने के मामले में पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस समन पर रंका ने कहा कि यह 13 अक्टूबर की घटनाओं से जुड़ी एक सामान्य जांच है और वे इसमें पूरा सहयोग करेंगे।