उत्तर पूर्व के अशांत इलाकों में लागू रहेगा
मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल के लिए
हर रोज 25-30 करोड़ का नुकसानः सीएम
नागा संगठन करेगा सीएम के दौरे का बहिष्कार
उत्तर पूर्व संवाददाता
गुवाहाटी: केंद्र सरकार ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद 1 अक्टूबर से मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के ‘अशांत क्षेत्रों’ में आर्म्ड फोर्सेज (स्पेशल पावर्स) एक्ट, 1958 को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, मणिपुर में 13 चुनिंदा पुलिस थाना क्षेत्रों को छोड़कर पूरे राज्य में यह कानून प्रभावी रहेगा। नागालैंड के नौ जिलों और अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों के साथ असम सीमा से लगे कुछ थाना क्षेत्रों में भी इसे बढ़ाया गया है। अशांत घोषित इन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को बिना वारंट तलाशी लेने, संदिग्धों को गिरफ्तार करने और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग करने की विशेष शक्तियां प्राप्त होती हैं।
उधर, मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शुक्रवार को राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर चिंता जताई। बिष्णुपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार हो रहे बंद और नाकेबंदी से सरकार को प्रतिदिन 25 से 30 करोड़ रुपये के कर राजस्व का नुकसान हो रहा है, जिससे पहले से प्रभावित अर्थव्यवस्था और चरमरा गई है। सरकार ने महिलाओं के लिए एक विशेष वित्तीय सहायता योजना लाने की भी घोषणा की है ताकि दैनिक खर्चों में राहत मिल सके।
इस बीच, सुरक्षा चिंताओं और हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए तांगखुल नागा युवा संगठन ने मुख्यमंत्री के आगामी उखरूल दौरे के बहिष्कार का ऐलान किया है, जिससे राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।