पथराव और पुलिस का वाहन भी जलाया गया
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छपरा से भी भारी हिंसा की खबर
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सभी इलाकों में सुरक्षा बल तैनात
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भाजपा नेताओं को पहले ही पीटा था
राष्ट्रीय खबर
पटनाः बिहार राज्यव्यापी बंद के आह्वान के दौरान कई हिस्सों में छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई, जिससे विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। राजधानी पटना और छपरा में भारी पथराव की खबरें आई हैं, जहाँ उपद्रवियों ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की और उन्हें सड़क पर पलट दिया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रभावित इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
पटना के गांधी मैदान इलाके के आसपास सबसे पहले हिंसा भड़की। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के दो वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया और उन्हें सड़क के बीचों-बीच पलट दिया। मौके से सामने आए वीडियो में छात्र पुलिस बल पर पथराव करते दिखे, जिसमें कुछ निजी वाहनों को भी नुकसान पहुँचा है।
कथित नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के समर्थन में छात्र इकट्ठा हुए थे, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।
हिंसा के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और जिला प्रशासन के बड़े अफसर मौके पर पहुंचे। छपरा में भी प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ, जहां जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने खुद मोर्चा संभाला। पटना और छपरा में भीड़ को तितर-बितर करने तथा हिंसा को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस बल की तैनाती की गई है।प्रदर्शन के दौरान जन जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों का खुलकर समर्थन करते हुए कहा, मैं छात्रों और युवाओं के साथ खड़ा हूँ। उनके लिए मैं अपनी जान भी देने को तैयार हूँ।
यह हिंसक प्रदर्शन नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के देशव्यापी आंदोलन का ही हिस्सा है। सीजेपी के राष्ट्रव्यापी विरोध और कल निकाले जाने वाले कैंडल मार्च के आह्वान के बीच यह माहौल और गरमा गया है। सीजेपी अपनी मांगों पर अड़ी हुई है और सरकार के साथ होने वाले तीसरे दौर की महत्वपूर्ण बातचीत से पहले शिक्षा व्यवस्था पर सवाल लगातार बढ़ते जा रहे हैं।