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इलेक्ट्रानिक वारफेयर विमान ई ए 37बी फेयरफोर्ड में

ईरान की धमकियों की वजह से अमेरिका ने विमान हटाया

ईरान युद्ध में काफी नुकसान हुआ है

पड़ोसी देशों के कैंपों पर हमला

नुकसान का आंकड़ा अधिक है

एजेंसियां

लंदनः यूके के ग्लॉस्टरशायर स्थित रॉयल एयर फोर्स फेयरफोर्ड बेस पर अमेरिकी वायु सेना के दो अत्याधुनिक ई ए -37बी कंपास कॉल इलेक्ट्रॉनिक अटैक विमान तैनात हुए हैं। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने यूके को खुली चेतावनी जारी की है। ईरान ने साफ कहा है कि यदि अमेरिका ने ब्रिटिश हवाई ठिकानों का इस्तेमाल उसके खिलाफ हमलों के लिए जारी रखा, तो ब्रिटेन का यह सैन्य बेस ईरान का वैध सैन्य लक्ष्य बन जाएगा।

अमेरिका के एरिजोना स्थित डेविस-मोंथन एयरफोर्स बेस से उड़ान भरकर आए ये ईए-37बी जेट्स गल्फस्ट्रीम जी550 बिजनेस जेट पर आधारित नए जमाने के इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विमान हैं। इनका मुख्य काम दुश्मन के रडार, नेविगेशन, संचार तंत्र और एयर डिफेंस नेटवर्क को जाम करना है ताकि लड़ाकू और बॉम्बर विमान बिना किसी खतरे के अपने मिशन को अंजाम दे सकें।

ईरान का यह कड़ा रुख उस समय सामने आया है जब आरएएफ फेयरफोर्ड बेस से अमेरिकी बी-1बी लांसर बॉम्बर्स ने हाल ही में ईरान पर हवाई हमले किए हैं। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका अपने युद्धपोतों पर मिसाइलों की कमी होने के बाद ब्रिटेन के इस एयरबेस का फायदा उठा रहा है। आईआरजीसी ने बयान में ब्रिटेन को चेतावनी दी कि वह मध्य पूर्व में अस्थिरता का मुख्य कारण न बने और अमेरिकी हमलों में सहयोग देना बंद करे।

दूसरी ओर, ब्रिटिश सरकार और रक्षा मंत्रालय ने ईरान की इस धमकी को खारिज कर दिया है। यूके सरकार के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ब्रिटिश सशस्त्र बल देश की धरती और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए चौहीस घंटे पूरी तरह तैयार हैं। नाटो सहयोगियों के साथ मिलकर क्षेत्र में रक्षा प्रणाली को मजबूत किया गया है। अमेरिकी और ब्रिटिश अधिकारियों का कहना है कि यह तैनाती क्षेत्र में अपने सहयोगियों की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक स्व-रक्षा समझौते का हिस्सा है।