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अपनी सस्ती मिसाइल से दुनिया को हैरान कर रहा यूक्रेन, देखें वीडियो

फ्लेमिंगो मिसाइल को यूक्रेन ने तैयार किया है

कीवः यूक्रेन द्वारा घरेलू स्तर पर विकसित की गई एफपी -5 फ्लेमिंगो क्रूज़ मिसाइल वैश्विक रक्षा उद्योग में चर्चा का विषय बन गई है। लगभग 500,000 डॉलर की किफायती लागत में तैयार होने वाली यह क्रूज मिसाइल अब पश्चिमी रक्षा दिग्गजों और अमेरिका के महंगे हथियार उद्योग के समक्ष एक नई चुनौती पेश कर रही है। जहां अमेरिकी टोमाहॉक जैसी उन्नत क्रूज मिसाइलों की लागत 20 लाख डॉलर तक आती है, वहीं फ्लेमिंगो बहुत ही कम खर्च में लगभग 1,150 किलोग्राम का विनाशकारी वारहेड ले जाने और 3,000 किलोमीटर दूर तक वार करने की क्षमता रखती है।

फायर पॉइंट कंपनी द्वारा निर्मित इस मिसाइल को बनाने के लिए किसी महंगे एयरोस्पेस-ग्रेड धातु की बजाय कार्बन फाइबर बॉडी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है। इसमें पुराने और सरलता से उपलब्ध जेट इंजनों का प्रयोग करके लागत को न्यूनतम रखा गया है। इसके अलावा, अमेरिकी मिसाइलों की तरह महंगे हवाई लॉन्च प्लेटफॉर्म के बजाय, फ्लेमिंगो को जमीन से ही आसानी से लॉन्च किया जा सकता है।

रक्षा विशेषज्ञों और वैश्विक विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन का यह किफ़ायती मॉडल पेंटागन और अमेरिका के जटिल सैन्य उद्योग को पुनर्विचार करने पर मजबूर कर रहा है। युद्ध के आधुनिक दौर में जब महंगे हथियारों का भंडार तेजी से खाली हो रहा है, यूक्रेन ने साबित कर दिया है कि कम लागत और सामूहिक उत्पादन ही भविष्य के युद्धों की असली कुंजी है।

हाल ही में रूस के वोल्गोग्राद और चेबोक्सारी स्थित रणनीतिक और मिसाइल पुर्जे बनाने वाले कारखानों पर फ्लेमिंगो से किए गए सफल हमलों ने इसकी युद्धक क्षमता को साबित कर दिखाया है।  पश्चिमी प्रतिबंधों और प्रतिबंधात्मक नियमों से मुक्त यह स्वदेशी मिसाइल यूक्रेन को बिना किसी अमेरिकी सहमति के रूस के बहुत अंदर तक हमले करने की खुली छूट देती है। रक्षा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यूक्रेन की इस सफलता ने अमेरिका और नाटो देशों को भी अपने हथियार उत्पादन की रणनीति बदलकर किफायती व तेज गति से बनने वाली मिसाइलों पर काम करने के लिए मजबूर कर दिया है।