Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
रक्षाबंधन पर भद्रा और चंद्रग्रहण का साया नहीं: 28 अगस्त को दिनभर बांध सकेंगे राखी, जानें शुभ मुहूर्त... रक्षाबंधन पर महंगाई की दोहरी मार: दंतेवाड़ा में प्याज ₹60 और चीनी ₹80 प्रति किलो, त्योहार से पहले बि... बलरामपुर के बाबा कर्मेश्वर धाम पहुंचे CM विष्णु देव साय: रुद्राभिषेक कर की पूजा, कर्रा में मंगल भवन ... रायपुर में ₹55 लाख तक की डायमंड राखी: इस बार भद्रा और चंद्रग्रहण से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन, सोने-चांद... रायपुर IGKV में तीसरा पेपर भी लीक: 'फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स' परीक्षा पर बवाल, यूनिवर्सिटी ने पुलिस ... रायपुर IGKV में तीसरा पेपर भी लीक: 'फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स' परीक्षा पर बवाल, यूनिवर्सिटी ने पुलिस ... सेक्स वर्कर होने के आधार पर नहीं चल सकता आपराधिक केस: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रद्द की FIR और चार्जशीट,... सब बिक रहा है तो यूपीआई कब तक फ्री रहेगा घर वापस जा रहे इंसान को निगल गया अजगर, "राष्ट्रीय खबर" की रिपोर्ट, देखें वीडियो कर्नाटक में एसआईआर की खामियों की तरफ चर्चा प्रारंभ हुई

सार्वजनिक परीक्षा धोखाधड़ी रोकने संशोधन विधेयक

प्रधानमंत्री मोदी के एलान  के बाद सरकार एक्टिव मोड में

मोदी ने इसकी पूरी जानकारी दी थी

अधिक कड़े नियम बनाये गये हैं इसमें

अब फास्ट ट्रैंक कोर्ट के गठन का वादा

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली, पेपर लीक और संगठित अपराध पर लगाम लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने कानून को और कठोर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 का प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्तावित विधेयक की एक प्रति शनिवार (25 जुलाई 2026) को संसद सदस्यों के बीच वितरित की गई।

यह विधेयक 2024 के मूल कानून में संशोधन करने और पेपर लीक सिंडिकेट तथा परीक्षा माफिया के खिलाफ सजा व जुर्माने के प्रावधानों को अत्यंत सख्त बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल व पेपर लीक से जुड़े अपराधों के लिए न्यूनतम सजा को 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया गया है। वहीं, संगठित अपराध या पेपर लीक गिरोहों के मामलों में न्यूनतम जेल की सजा 7 साल और अधिकतम सजा 10 साल तक की जा सकती है। इसके अलावा, दोषियों पर ₹10 करोड़ तक के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

विधेयक में त्वरित न्याय प्रणाली पर खास ध्यान दिया गया है। इसके तहत मामलों की जांच के लिए एक विशेष कार्य बल के गठन का प्रस्ताव है, जिसे 2 महीने के भीतर अपनी जांच पूरी करनी होगी। साथ ही, मुकदमों की सुनवाई में तेजी लाने के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों का गठन किया जाएगा।

हाल के दिनों में नीट-यूजी सहित कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में धांधली को लेकर देशभर में छात्रों का भारी आक्रोश और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। छात्रों के लगातार दबाव और व्यवस्था में पारदर्शिता बहाल करने के लिए लाया गया यह नया विधेयक परीक्षा प्रणाली में युवाओं के विश्वास को पुनः स्थापित करने का प्रयास है।