तेलचट्टों का देशव्यापी तेवर देख झूक गयी मोदी सरकार
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माहौल बिगड़ते जाने की सूचना थी
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सीजेपी ने स्टैंड साफ कर दिया था
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अनेक नेताओं के बयान भी आये
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। उनका यह इस्तीफा देशव्यापी बड़े पैमाने पर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच आज सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच होने वाले तीसरे दौर की बातचीत से ठीक पहले आया है। व्यंग्यात्मक राजनीतिक समूह सीजेपी के नेतृत्व में पूरे भारत में छात्र कथित नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर एक महीने से भी अधिक समय से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए थे और लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। देश भर में आंदोलन के लगातार फैलते जाने की सूचनाओं के बीच ही प्रधान ने अपनी इस्तीफा सौंप दिया है।
आज शाम धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद दिल्ली पुलिस के जवान जंतर-मंतर पर घूम-घूमकर प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने की अपील करते दिखे। उनका इस्तीफा ही सीजेपी के नेतृत्व में आंदोलन कर रहे छात्रों की मुख्य मांग थी। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करते हुए पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि चूंकि उनकी प्रमुख मांग पूरी कर दी गई है, इसलिए अब वे इस स्थान को खाली कर दें।
इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, छात्रों को गृह मंत्री से कुछ सवाल जरूर पूछने चाहिए। उन पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल क्यों किया गया? कीलों वाली लाठियां, पैलेट गन, महिला प्रदर्शनकारियों पर पुरुष अधिकारियों द्वारा हमला, बिना वर्दी (सिविल ड्रेस) वाले पुलिसकर्मी और बिना नेमप्लेट वाले पुलिस अधिकारियों को क्यों तैनात किया गया? आंसू गैस के गोले दागे गए और यहाँ तक कि पुलिस ने बैरिकेड्स में करंट तक दौड़ा दिया था।
वहीं, छात्रों का समर्थन करते हुए समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, यह जीत आपकी है। हम आपके उस साहस, दृढ़ संकल्प और निरंतरता को सलाम करते हैं, जिसके कारण शिक्षा मंत्री को अपना इस्तीफा देना पड़ा। इसके साथ ही, मुझे इस बात का गहरा दुख है कि आपको इस आंदोलन के दौरान इतनी पीड़ा, हमले, मानसिक आघात और अपमान का सामना करना पड़ा।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, देशभर के छात्रों को बहुत-बहुत बधाई, हम सभी को आप पर गर्व है। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी मांगों की संख्या तीन से बढ़ाकर चार कर दी है और रैपिड एक्शन फोर्स तथा दिल्ली पुलिस कर्मियों से प्रदर्शनकारी छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।