ईरान और अमेरिका के प्रारंभिक समझौते का वैश्विर असर सामने
एजेंसियां
दुबईः अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद तेल की कीमतों में आई भारी उछाल के बाद, अब कीमतें युद्ध-पूर्व के अपने न्यूनतम स्तर पर आ गई हैं। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण कीमतों में जो तेजी देखी गई थी, अब उनमें सुधार हो रहा है। मरीन ट्रैफिक के आंकड़ों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर यातायात पिछले 24 घंटों में दोगुना हो गया है, जो फरवरी के अंत के बाद का उच्चतम स्तर है। बाजार में इस आशावाद के कारण कीमतें कम हुई हैं कि अमेरिका-ईरान समझौता इस जलमार्ग को पूरी तरह से फिर से खोल देगा।
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस समय फारस की खाड़ी क्षेत्र के दौरे पर हैं। वे संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन को अमेरिका-ईरान समझौते के पक्ष में मनाने का प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि ये देश इस समझौते को लेकर सबसे अधिक आशंकित और संदेही माने जा रहे हैं।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम का भविष्य एक दीर्घकालिक समझौता हासिल करने में सबसे बड़ी बाधा के रूप में उभरा है। तेहरान ने संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी की उन टिप्पणियों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि निरीक्षकों को देश के परमाणु स्थलों तक पूर्ण पहुंच मिलेगी। साथ ही, ट्रम्प प्रशासन के कई अधिकारियों ने भी दावा किया है कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सदस्यों द्वारा परमाणु क्षेत्रों के दौरे को मंजूरी दे दी है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो खाड़ी देशों को युद्ध समाप्त करने वाले इस समझौते के साथ जोड़ने के मिशन पर हैं। रुबियो का कहना है कि ईरान के साथ तकनीकी वार्ता आगे बढ़ने के लिए तैयार है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा एक स्पष्ट बाधा बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर, युद्ध के मोर्चे से अलग, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दो सप्ताह बाद होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से पहले ओवल ऑफिस में नाटो महासचिव मार्क रुटे के साथ बैठक की।