प्रधानमंत्री मोदी के शुभकामना संदेश के बाद सीजेपी का हमला
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जंतर मंतर पर आंदोलन जारी है
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कहा अंगूठा लगाकर स्वीकार कर लें
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शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः 26 जून, 2026 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के जन्मदिन पर जहां एक ओर उन्हें राजनीतिक गलियारों से बधाई मिल रही है, वहीं दूसरी ओर तीखे व्यंग्य भी सामने आ रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शिक्षा मंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनसे इस्तीफा देने की मांग की है।
अभिजीत दिपके ने अपने बयान में व्यंग्यात्मक लहजे अपनाते हुए कहा, हम शिक्षा मंत्री को उनके जन्मदिन पर उपहार के रूप में एक इस्तीफा पत्र भेजेंगे। उनसे बस इतनी ही गुजारिश है कि वे उस पर अपने अंगूठे का निशान लगाकर उसे स्वीकार कर लें। यह बयान शिक्षा मंत्री के कामकाज पर सवाल उठाते हुए किया गया है, जिसने राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
पीएम मोदी और राजनाथ सिंह की प्रशंसा एक तरफ जहां विपक्षी दलों या छोटे संगठनों द्वारा तीखी आलोचना की जा रही है, वहीं केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेताओं ने शिक्षा मंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री प्रधान को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा, धर्मेंद्र प्रधान राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की दिशा में सराहनीय प्रयास कर रहे हैं। उनका यह प्रयास भारत को ज्ञान, सीखने और नवाचार का केंद्र बनाने की दृष्टि रखता है।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शिक्षा मंत्री को बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि श्री प्रधान एक जमीनी स्तर के नेता हैं, जिन्होंने अपना जीवन पार्टी और देश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है।
गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री का जन्मदिन जहां एक ओर उनके समर्थकों के लिए उत्सव का विषय है, वहीं राजनीतिक विरोधियों ने इसे सरकार पर दबाव बनाने के एक अवसर के रूप में इस्तेमाल किया है। फिलहाल, सीजेपी संस्थापक का यह विवादास्पद बयान चर्चा का केंद्र बना हुआ है, लेकिन शिक्षा मंत्री या उनके कार्यालय की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।