संसद में आज भी छात्रों के मुद्दों पर घमासान की स्थिति
दोनों सदनों से गायब चल रहे गृह मंत्री
देश का सबसे ज्वलंत मुद्दा है यह अभी
सभापति ने शाह को लाने को कहा
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः संसद के मौजूदा सत्र के दौरान राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर उस समय चरम पर पहुंच गई जब कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। गुरुवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए श्री खड़गे ने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तत्काल संसद में आकर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान की गई पुलिस कार्रवाई पर देश को जवाब देना चाहिए और छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
खड़गे ने स्पष्ट किया कि विपक्ष संसद के दोनों सदनों को सुचारू रूप से और शांतिपूर्ण ढंग से चलाना चाहता है, लेकिन इसके लिए यह भी अनिवार्य है कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले जनहित के गंभीर मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी निभाए और सदन में आकर आधिकारिक प्रतिक्रिया दे। उन्होंने राज्यसभा के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि सभापति ने स्वयं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को निर्देश दिया था कि वे गृह मंत्री को सदन में लाएं ताकि वे इस संवेदनशील विषय पर विस्तृत बयान दे सकें। हालांकि, सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई ठोस पहल न होने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले से पूरी तरह बचती नजर आ रही है और अकेले संसदीय कार्य मंत्री के पास ऐसे नीतिगत मामलों को सुलझाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी शिकायत की कि जब भी विपक्ष सदन के भीतर नियम के तहत व्यवस्था का प्रश्न उठाना चाहता है, तो उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी जाती है, जो कि संसदीय लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है।
सरकार की इस नीति की कड़ी आलोचना करते हुए खड़गे ने दो टूक कहा कि छात्रों से अपनी गलती मानने या माफी मांगने की बात कहने के बजाय, सरकार और प्रशासन को खुद उन पीड़ित छात्रों और उनके परिवारों के सामने आकर माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आगे मांग की कि इस गंभीर प्रकरण पर प्रधानमंत्री को भी सदन के समक्ष आकर स्पष्टीकरण देना चाहिए। इसके साथ ही, झारखंड के ज्वलंत मुद्दों और देश के अन्य हिस्सों में चल रहे छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी छात्रों के हर न्यायसंगत संघर्ष में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है और इस आवाज को सड़क से लेकर संसद तक पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।