भाजपा से जुड़े है पकड़े गये हमलावर युवक
राष्ट्रीय खबर
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके पर उनकी रैली से ठीक पहले जानलेवा और हिंसक हमला किया गया। इस घटना ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना में शामिल कथित आरोपियों की तस्वीरें साझा की हैं और उन्हें सत्ताधारी दल के गुंडे करार दिया है। रांका ने दावा किया कि सभी हमलावरों की पहचान कर ली गई है और वे एक प्रमुख राष्ट्रीय पार्टी से जुड़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इन सभी उपद्रवियों का पर्दाफाश किया जाएगा।
घटनाक्रम के अनुसार, अभिजीत दिपके अपनी निर्धारित रैली को संबोधित करने के लिए घटनास्थल की ओर बढ़ रहे थे। समर्थकों के कंधों पर सवार होकर आगे बढ़ते हुए, भीड़ में मौजूद कुछ अज्ञात उपद्रवियों ने अचानक उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने दिपके के गले का स्कार्फ खींचा, उन्हें कई बार थप्पड़ मारे और उन्हें नीचे गिराने की कोशिश की। इस हिंसक हमले के बावजूद, दिपके ने संयम बनाए रखा। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए कहा, मैं विरोध स्थल पर प्रवेश करते समय हमला किया गया था। चाहे कितने भी हमले हों, मैं किसी के खिलाफ हाथ नहीं उठाऊंगा। कायर लोग ही हिंसा का सहारा लेते हैं। मैं चुप नहीं रहूंगा।
दिपके ने बाद में एक वीडियो संदेश जारी कर इस घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह हमला मुख्य मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए किया गया है। उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, ये हमें डराने और धमकाने के तरीके हैं। हमारी मुख्य मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। छात्रों के साथ हुए अन्याय और उनकी आत्महत्याओं के लिए उन्हें जवाबदेही लेनी ही होगी। चाहे आप हमें एक बार मारें या दस बार, हम अपनी शांतिपूर्ण लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल उन्हें और उनके समर्थकों को पाकिस्तानी जैसे अपमानजनक शब्द कहकर राष्ट्रविरोधी साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे इससे डरने वाले नहीं हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना आने वाले समय में राज्य में राजनीतिक संघर्ष को और अधिक उग्र बना सकती है। एक तरफ जहां कॉकरोच जनता पार्टी इस हमले को सहानुभूति बटोरने के साथ-साथ एक बड़े जनांदोलन में बदलने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलों की चुप्पी और इन पर लग रहे आरोपों ने सुरक्षा और लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। वैसे वीडियो में गिरफ्तार युवक खुद को राष्ट्रवादी बताते हुए सुने गये हैं।