पुलिस ने बारह अन्य बैंक खातों को फ्रीज किया
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः पश्चिम बंगाल पुलिस ने पूंजी के अवैध हस्तांतरण की शिकायतों के बाद, शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के 12 और बैंक खातों को फ्रीज (लेन-देन पर रोक) कर दिया है, जिनमें 1,000 करोड़ से अधिक की राशि जमा है। इससे पहले राज्य पुलिस और बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने पार्टी के तीन बैंक खातों को फ्रीज किया था, जिनमें 440 करोड़ जमा थे। तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस के इस आदेश को कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसने पार्टी को न्यायिक निगरानी में इन खातों से पैसे निकालने की अनुमति दे दी थी। अब पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने ईडी की कार्रवाई को चुनौती देते हुए शुक्रवार को दोबारा अदालत का रुख किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बिधाननगर पुलिस की साइबर अपराध शाखा (साइबरक्राइम यूनिट) द्वारा कई राष्ट्रीय और निजी बैंकों को नोटिस भेजे जाने के बाद इन 12 खातों पर रोक लगाई गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, हमने इन खातों से जुड़े विस्तृत विवरण भी मांगे हैं। फिलहाल जांच के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए बैंकों ने इन खातों से लेन-देन निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई विधायक संदीपन साहा की शिकायत पर दर्ज की गई एक प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर हुई है। साहा अब ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल के गुट में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने इन खातों से अवैध रूप से फंड ट्रांसफर करने का आरोप लगाया है। पुलिस इस मामले में कथित अवैध लेन-देन को लेकर रीताब्रत गुट के सात विधायकों के बयान भी दर्ज कर चुकी है।
साइबर अपराध शाखा की एफआईआर के बाद, ईडी ने इस मामले में जांच शुरू की और पहले के तीन खातों को फ्रीज कर दिया था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने मंगलवार (7 जुलाई, 2026) को शहर में पांच स्थानों पर तलाशी अभियान भी चलाया और धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 17 (1-ए) के तहत एक नई एफआईआर दर्ज की। (यह धारा ईडी को किसी संपत्ति या बैंक जमा को फ्रीज करने का अधिकार देती है, जब उसे भौतिक रूप से जब्त करना व्यावहारिक न हो)।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर दत्ता ने एक और याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि ईडी की इस नई एफआईआर के कारण पार्टी को पैसे निकालने में बाधा आ रही है। अदालत इस मामले पर सोमवार को सुनवाई करने वाली है।
इससे पहले गुरुवार (9 जुलाई) को हाईकोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की पीठ ने तृणमूल को पार्टी के रोजमर्रा के प्रशासनिक कार्यों के लिए उन तीन खातों को संचालित करने की अनुमति दी थी। हालांकि, अदालत ने कहा कि ये सभी लेन-देन एक विशेष न्यायिक अधिकारी (सेवानिवृत्त जस्टिस सुब्रत तालुकदार) की निगरानी में होंगे।
दूसरी ओर, राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वह मंदिर के फंड को कब फ्रीज करेगी। उनका यह इशारा प्रत्यक्ष तौर पर अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित चोरी के विवाद की तरफ था। तृणमूल के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव ओब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ईडी ने एचडीएफसी बैंक में मौजूद टीएमसी के 3 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। ईडी मंदिर के फंड को कब फ्रीज करेगी?
इसके साथ ही, तृणमूल नेता कुणाल घोष ने रीताब्रत बनर्जी के दोहरे मापदंड की तीखी आलोचना की। घोष ने सवाल उठाया, अगर तृणमूल का बैंक खाता समस्याग्रस्त है और उसमें मौजूद फंड अवैध है, तो आपने (ऋतब्रत) दो महीने पहले उसी खाते से 25 लाख क्यों स्वीकार किए थे?