Breaking News in Hindi

ब्यूफोर्ट कैसल के करीब इजरायली विस्फोट जारी

लेबनान के राष्ट्रपति ने इजरायली कार्रवाई की कड़ी निंदा की

समझौते के बाद भी कार्रवाई जारी

विस्फोट ने भूकंप जैसा झटका दिया

हिजबुल्लाह के भूमिगत सुरंग हैं वहां

एजेंसियां

बेरूतः लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने शुक्रवार को ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों को निशाना बनाने के लिए इजरायल की कड़ी निंदा की है। ये स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची और खतरे में पड़ी विश्व धरोहर की सूची में शामिल हैं। राष्ट्रपति आउन ने इन विस्फोटों को अत्यंत खतरनाक वृद्धि करार दिया है, जो दोनों देशों के बीच चल रही राजनयिक वार्ता की प्रगति के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब इजरायल ने लेबनान के ऐतिहासिक ब्यूफोर्ट कैसल के पास बड़े पैमाने पर विस्फोट किए। इजरायली अधिकारियों का तर्क है कि उन्होंने हिजबुल्लाह के भूमिगत सुरंग नेटवर्क को नष्ट करने के लिए 700 टन विस्फोटकों का उपयोग किया है। लेबनान के राष्ट्रीय भूभौतिकी केंद्र के अनुसार, इन विस्फोटों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसने रिक्टर पैमाने पर 3.8 तीव्रता के भूकंप के बराबर झटके उत्पन्न किए। राष्ट्रपति आउन ने इसे इजरायल के साथ मौजूदा प्रतिबद्धताओं का घोर उल्लंघन बताया है।

ये घटनाक्रम ऐसे समय में हुए हैं जब लेबनान और इजरायल के बीच रोम में अगले मंगलवार और बुधवार को सीधी वार्ता का नया दौर प्रस्तावित है। यह वार्ता 26 जून को अमेरिका की मध्यस्थता में हुए एक रूपरेखा समझौते को लागू करने के लिए है। राष्ट्रपति आउन ने कहा कि इन विस्फोटों का समय नकारात्मक संदेश देता है और दक्षिण लेबनान में स्थिरता लाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को बाधित करता है। उन्होंने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इन उल्लंघनों को रोकने की अपील की है।

अमेरिकी मध्यस्थता वाले समझौते में दक्षिण लेबनान के कब्जे वाले क्षेत्रों से इजरायली सेना के चरणबद्ध तरीके से पीछे हटने का प्रावधान है, ताकि लेबनानी सेना वहां तैनात हो सके, अपनी संप्रभुता बहाल कर सके और हिजबुल्लाह को निशस्त्र कर सके। इस प्रक्रिया की शुरुआत 21 जुलाई को ज़वत अल-ग़रबियह गांव से हुई थी।

दूसरी ओर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने एक संयुक्त बयान में कहा कि उन्होंने हिजबुल्लाह द्वारा संघर्ष विराम समझौते के उल्लंघन के जवाब में ये सुरंगें नष्ट की हैं। राष्ट्रपति आउन ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की सैन्य कार्रवाई न केवल क्षेत्र की पुरातात्विक विरासत को नुकसान पहुँचा रही है, बल्कि दक्षिण लेबनान के गांवों में आम नागरिकों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रही है।