पूर्व मंत्रियों सहित तीन सौ से अधिक टीवीके में शामिल
राष्ट्रीय खबर
चेन्नईः तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत, शनिवार को चेन्नई के पास पनायुर में स्थित तमिझगा वेत्री कड़गम (टीवीके) मुख्यालय में एआईएडीएमके के 300 से अधिक सदस्य आधिकारिक रूप से पार्टी में शामिल हो गए। शामिल होने वालों में पूर्व मंत्री वेल्लमांडी नटराजन, अन्ना ट्रेड यूनियन फेडरेशन के राज्य सचिव कमलाकन्नन, मायलापुर के पूर्व एआईएडीएमके विधायक नटराज, पूर्व मंत्री आनंदन, परमकुडी के पूर्व विधायक साधन प्रभाकर और तिरुपथुर शहर के सचिव डी.टी. कुमार शामिल हैं।
यह सदस्यता ग्रहण समारोह टीवीके के महासचिव और तमिलनाडु के ग्रामीण विकास मंत्री एन. आनंद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सेनगोट्टैयान और लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन की उपस्थिति में हुआ। पार्टी छोड़ने वाले सदस्यों ने तर्क दिया कि वे एआईएडीएमके नेतृत्व के अधीन रहते हुए जनता की सेवा ठीक से नहीं कर पा रहे थे।
पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता उडुमलाई राधाकृष्णन ने कहा कि उनके साथ तिरुचि के एन.आर. शिवपति, कदंबूर राजू, एम.सी. संपत, पन्नीरसेल्वम, गोविंदसामी और कोलाथुर कृष्णमूर्ति जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी टीवीके का दामन थामा है। पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के नेतृत्व को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में पार्टी में अनुशासन था और उनका निधन पार्टी के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ।
राधाकृष्णन ने स्पष्ट किया कि पिछले पांच वर्षों से एआईएडीएमके में रहने के बावजूद, वे जनता के लिए प्रभावी रूप से काम नहीं कर पा रहे थे और कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के नेतृत्व में एम.जी. रामचंद्रन और जयललिता के आदर्श दिखाई देते हैं, और टीवीके में मिले सम्मान व पहचान ने उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब वे पूरी निष्ठा से टीवीके के लिए काम करेंगे और स्थानीय निकाय चुनाव में जीत सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
पार्टी अनुशासन पर जोर देते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि वे नेतृत्व द्वारा सौंपी गई किसी भी जिम्मेदारी का ईमानदारी से पालन करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में कई और जिला स्तरीय पदाधिकारी और वरिष्ठ एआईएडीएमके नेता टीवीके में शामिल हो सकते हैं, और उन्होंने पार्टी छोड़ने के फैसले को लंबे समय से चली आ रही असंतुष्टि के बाद राहत का क्षण बताया।