पेपर लीक करे कोई और आर्थिक बोझ दोबारा जनता पर
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने शनिवार को घोषणा की कि 21 जून को होने वाली नीट यूजी मेडिकल प्रवेश पुन: परीक्षा के लिए प्रश्न पत्रों को सुरक्षित रूप से पहुँचाने के लिए भारतीय वायुसेना की सहायता ली जाएगी। परीक्षा की अखंडता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इतिहास में पहली बार ऐसा किया जा रहा है।
यह निर्णय हाल ही में हुई प्रश्न पत्र लीक की विवादास्पद घटनाओं के बाद लिया गया है, जिसके कारण 3 मई को आयोजित मूल परीक्षा को रद्द करना पड़ा था। इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इसकी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
इस बीच तेलंगना से मिली जानकारी के मुताबिक तेलंगाना के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव की अध्यक्षता में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई। सीसीटीवी की अनिवार्य जांच, फुटेज को 90 दिनों तक सुरक्षित रखना, मॉक ड्रिल और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं जैसे कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं।
राज्य में 24 शहरों के 208 केंद्रों पर लगभग 73,000 छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। अधिकारियों को बुनियादी ढांचे, परिवहन, बिजली आपूर्ति और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) महेश भागवत ने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाहों का तुरंत खंडन करने का निर्देश दिया है।
एनटीए ने पुन: परीक्षा के प्रश्न पत्रों के लीक होने या बिकने के दावों को पूरी तरह से झूठा और धोखाधड़ी बताया है। एजेंसी ने ऐसे सोशल मीडिया संदेशों को व्यवस्थित ठगी गिरोहों की साजिश करार दिया है और स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।