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माकपा ने कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांग लिया

इंडिया गठबंधन की दिल्ली में बैठक आठ जून को प्रस्तावित

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः 8 जून, 2026 को होने वाली इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल, इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) गठबंधन की बैठक से कुछ दिन पहले, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (माकपा) के महासचिव एम.ए. बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर उन आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिनमें कांग्रेस नेताओं ने दावा किया था कि केरल विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान माकपा और भारतीय जनता पार्टी के बीच समझौता था।

सूत्रों के अनुसार, एम.ए. बेबी ने यह पत्र इंडिया गठबंधन के अन्य घटकों को भी भेजा है। इसमें उन्होंने केरल में कांग्रेस द्वारा माकपा के खिलाफ चलाए गए लगातार अभियान की आलोचना की। उन्होंने तर्क दिया कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा बार-बार लगाए गए आरोप चुनावी प्रतिद्वंद्विता से कहीं अधिक थे और इन्होंने भाजपा को संयुक्त रूप से चुनौती देने के लिए बने विपक्षी गठबंधन की नींव को प्रभावित किया है।

केरल में कांग्रेस के अभियान का उल्लेख करते हुए, एम.ए. बेबी ने कहा कि कांग्रेस ने यह आरोप लगाने के लिए एक व्यवस्थित अभियान चलाया कि वामपंथ और भाजपा के बीच राजनीतिक समझौता हुआ है और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विशेष संबंध हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप इंडिया गठबंधन के मूल आधार सहयोग की भावना के अनुकूल नहीं हैं।

माकपा महासचिव ने कहा कि इंडिया गठबंधन भाजपा का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने के लिए एक व्यापक मंच के रूप में गठित किया गया था। इसमें ऐसी पार्टियां साथ आई हैं जो वैचारिक मतभेदों के बावजूद कई राज्यों में एक-दूसरे की चुनावी प्रतिद्वंद्वी रही हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन के 2023 में गठन के बाद से माकपा ने विपक्ष की एकता को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया है। कांग्रेस का रुख पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी एक तरफ राष्ट्रीय स्तर पर माकपा के साथ साझेदारी नहीं कर सकती और दूसरी तरफ केरल में उस पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप नहीं लगा सकती।

एम.ए. बेबी ने चेतावनी दी कि इस मुद्दे का विपक्षी एकता पर गहरा असर पड़ेगा, इसलिए कांग्रेस नेतृत्व को 8 जून की बैठक से पहले इन विध्वंसक कदमों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा, जब तक इन मामलों को स्पष्ट नहीं किया जाता, तब तक इंडिया गठबंधन का उद्देश्य ही सवालों के घेरे में रहेगा। हालांकि, माकपा नेता ने विपक्षी समन्वय के प्रति अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराया।

सोमवार को नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ रणनीति और विपक्षी एकता को मजबूत करने पर चर्चा होगी। इसमें ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की उम्मीद है। वहीं, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे बैठक में शामिल नहीं होंगे, उन्होंने तमिलनाडु वेत्री कड़गम के साथ कांग्रेस के गठबंधन को विश्वासघात करार दिया है।