Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
चिकित्सा क्षेत्र में आ सकती है बड़ी क्रांति, देखें वीडियो Super El Nino Impact: मई-जून में क्यों उबल रहा है देश? मौसम वैज्ञानिकों ने दी मानसून कमजोर होने और स... RG Kar Case: आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर नगर निगम का बड़ा एक्शन; अवैध घर गिराने का आदेश West Bengal Free Bus Scheme: बंगाल में 1 जून से महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा; इस तरह ... India-Bangladesh Border: भारत-बांग्लादेश सीमा पर अभेद्य सुरक्षा; BSF ने खुले हिस्सों में शुरू किया ब... Rajya Sabha Election 2026: 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का एलान; 18 जून को वोटिंग, खरगे-... Delhi Riots Case: उमर खालिद को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली 3 दिन की अंतरिम जमानत; मां की सर्जरी के लिए र... Mount Everest Tragedy: माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद 2 भारतीय पर्वतारोहियों की मौत; नीचे उतरते समय ह... Uttarakhand News: 'सड़कों पर नमाज़ बर्दाश्त नहीं, कानून का राज सर्वोपरि'—सीएम पुष्कर सिंह धामी का बड... Himachal School Bag Policy: हिमाचल में स्कूली बच्चों को भारी बस्ते से मुक्ति; शारीरिक वजन के 10% से ...

ट्रम्प ने ताइवान के नेता से बात करने की इच्छा जताई

राजनयिक मानदंडों में फिर यू टर्न ले लिया राष्ट्रपति ने

एजेंसियां

वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते से बात करने की संभावना जताई है, जो किसी भी अमेरिकी नेता के लिए एक अभूतपूर्व कदम और स्थापित राजनयिक मानदंडों से एक बड़ा विचलन होगा। साल 1979 के बाद से अमेरिका और ताइवान के राष्ट्रपतियों ने आपस में सीधे बात नहीं की है, जब वाशिंगटन ने ताइपे के बजाय बीजिंग को आधिकारिक राजनयिक मान्यता देना शुरू किया था।

मैरीलैंड के जाइंट बेस एंड्रयूज में बुधवार को पत्रकारों ने जब ट्रम्प से पूछा कि क्या वह ताइवान को हथियारों की बिक्री के बड़े सौदे को मंजूरी देने से पहले वहां के राष्ट्रपति लाई को फोन करेंगे, तो उन्होंने कहा, मैं उनसे बात करूँगा। एयर फोर्स वन विमान में सवार होने से पहले ट्रम्प ने कहा, मैं हर किसी से बात करता हूँ। हमने उस स्थिति को बहुत अच्छी तरह से संभाल रखा है। हम ताइवान की समस्या पर काम करेंगे। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रम्प प्रशासन ने इस फोन कॉल को लेकर किसी योजना पर काम आगे बढ़ाया है या नहीं।

ताइवान के राष्ट्रपति लाई से संभावित बातचीत को लेकर ट्रम्प का यह बयान बीजिंग की उनकी बेहद चर्चित यात्रा से लौटने के ठीक कुछ दिनों बाद आया है। उस यात्रा के दौरान चीनी नेता शी जिनपिंग ने ट्रम्प को सीधे तौर पर चेतावनी दी थी कि अगर ताइवान के मामले को ठीक से नहीं संभाला गया, तो यह एक बेहद खतरनाक स्थिति का रूप ले सकता है।

चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ताइवान पर कभी नियंत्रण न होने के बावजूद उसे अपने क्षेत्र का हिस्सा मानती है और उसने लंबे समय से इस द्वीप को मुख्य भूमि चीन के साथ पुनः एकीकृत करने का संकल्प लिया है, जिसके लिए वह आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग की बात भी कहती है। अपनी वन चाइना नीति के तहत, अमेरिका चीन के इस रुख को स्वीकार तो करता है कि ताइवान चीन का हिस्सा है, लेकिन उसने इस द्वीप पर कम्युनिस्ट पार्टी के दावे को कभी आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं दी है।

वाशिंगटन ताइवान के साथ मजबूत अनौपचारिक संबंध बनाए रखता है और ताइवान रिलेशंस एक्ट के तहत इस स्वशासित द्वीप को रक्षात्मक हथियार प्रदान करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। इसके अलावा, ताइवान को दिए गए 1982 के एक अमेरिकी आश्वासन के अनुसार, वाशिंगटन की हथियारों की बिक्री पर बीजिंग के साथ परामर्श करने की कोई नीति नहीं है।