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अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पर सीबीआई जांच आदेश

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद को लेकर सवाल उठा दिया

  • 1270 करोड़ के ठेका देने का मामला

  • पासपोर्ट विवाद में सुरजेवाला को समन

  • हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: पूर्वोत्तर भारत के दो प्रमुख राज्यों, अरुणाचल प्रदेश और असम से जुड़े गंभीर राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रमों के कारण क्षेत्रीय राजनीति में गरमाहट आ गई है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और असम पुलिस की हालिया कार्रवाई ने कांग्रेस और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और उनके परिवार की कंपनियों को सरकारी ठेके देने में कथित भ्रष्टाचार, पक्षपात और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोपों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से प्रारंभिक जांच कराने के आदेश दिए हैं।

आरोपों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार (जिसमें उनकी पत्नी, भाई और भतीजे शामिल हैं) से जुड़ी निजी फर्मों को बिना किसी उचित और पारदर्शी निविदा प्रक्रिया का पालन किए करोड़ों रुपये के लोक निर्माण कार्य सौंपे गए। यह पूरा मामला जनवरी 2015 से दिसंबर 2025 के बीच की लगभग एक दशक लंबी अवधि का है, जब राज्य के सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा इन कंपनियों को करीब 1,270 करोड़ रुपये के सरकारी निर्माण ठेके आवंटित किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद कांग्रेस ने मंगलवार को कड़ा रुख अपनाते हुए पूछा कि हितों के गंभीर टकराव और भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई जांच के आदेश के बाद भी पेमा खांडू मुख्यमंत्री पद पर क्यों बने हुए हैं।

दूसरी ओर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा से जुड़े कथित पासपोर्ट विवाद को लेकर राजनीतिक और कानूनी माहौल पूरी तरह गर्माया हुआ है। इस मामले में असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला को समन जारी कर 23 मई को गुवाहाटी स्थित क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में पेश होने का निर्देश दिया है।

असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास संयुक्त अरब अमीरात, एंटीगुआ और मिस्र जैसे तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। इसके अतिरिक्त, यह दावा किया गया कि उनके पास दुबई में अघोषित संपत्तियां हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका के व्योमिंग में पंजीकृत एक बेनामी कंपनी के माध्यम से हजारों करोड़ डॉलर का संदिग्ध वित्तीय लेनदेन शामिल है, जिसका आधिकारिक चुनावी हलफनामे में खुलासा नहीं किया गया था।

रिनिकी भुइयां सरमा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए मुहर और क्यूआर कोड वाले दस्तावेज पूरी तरह जाली और मनगढ़ंत थे।