Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
सावधान! असली जैसे दिखने वाले 'फेक UPI ऐप' से हो रही ठगी: स्क्रीन पर दिखता है सक्सेस मैसेज, खाते में ... घर की सुख-शांति छीन सकता है दक्षिण-पश्चिम का वास्तु दोष! इन 9 आसान उपायों से दूर करें नैऋत्य कोण का ... खनऊ में तकरोही चौकी इंचार्ज SI आनंद मिश्रा 4 दिन से लापता: पुलिस महकमे में हड़कंप, वाराणसी में मिली ... वोट बैंक के लिए वंदे मातरम् को भुलाया, कांग्रेस दफ्तर में हुआ पाप': चित्तौड़गढ़ में बरसे अमित शाह धौलपुर के दमोह झरने में आया पानी का तेज सैलाब: पिकनिक मनाने गए 100 युवक फंसे, SDRF ने रातभर चलाया रे... दक्षिण मुंबई के नेवी नगर में सनसनी: भारतीय नौसेना के नाविक, पत्नी और दो मासूम बच्चों के मिले शव; जां... जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन FIR मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट: पुलिस जांच में दखल रोकने के लिए याचिका, CJP... मुरैना में बड़ा हादसा टला: उफनती चंबल में 150 यात्रियों से भरा स्टीमर हुआ बंद, 10 किमी दूर भिंड तक ब... पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी का संदिग्ध शव मिला: TMC ऑफिस में फंदे से लटके मिले, ...

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

हिमंता बिस्वा सरमा के पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति का मामला

  • कोर्ट ने माना राजनीतिक मामला है

  • हिमंता के बयान भी स्तरीय नहीं रहे

  • विदेश भागने की कोई आशंका नहीं

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने खेड़ा को जांच में सहयोग करने, समन मिलने पर उपस्थित होने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न करने का निर्देश दिया है।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि खेड़ा बिना अनुमति के देश नहीं छोड़ सकेंगे। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप और प्रत्यारोप राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रतीत होते हैं, और ऐसी परिस्थितियों में आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।

पीठ ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता को एक मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि इसकी कटौती केवल उच्च मानकों के आधार पर ही की जानी चाहिए, विशेषकर तब जब परिस्थितियां राजनीतिक रंग लिए हुए हों। अदालत ने कहा, आपराधिक प्रक्रिया को निष्पक्षता के साथ लागू किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में न पड़े। सुप्रीम कोर्ट ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें खेड़ा को देश छोड़कर भागने का जोखिम बताते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि यह मामला मानहानि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने से जुड़ा है, जिसके लिए हिरासत में लेकर पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयानों की ओर इशारा करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हिरासत की मांग करते हुए दावा किया कि खेड़ा द्वारा इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों और तस्वीरों के स्रोत का पता लगाने के लिए पूछताछ जरूरी है। उन्होंने चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप की संभावना का भी जिक्र किया।