Shahjahanpur Double Murder Case: प्रेम प्रसंग में हुए दोहरे हत्याकांड पर कोर्ट का बड़ा फैसला, 6 दोषियों को उम्रकैद की सजा
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के चर्चित डबल मर्डर केस में अदालत ने वर्षों चली लंबी सुनवाई के बाद एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है. जलालाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम डहर में प्रेम प्रसंग से उपजे विवाद और रंजिश के कारण हुए इस दोहरे हत्याकांड के मामले में अदालत ने कुल 6 दोषियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है. इसके साथ ही न्यायालय ने सभी दोषियों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है. आइए जानते हैं इस बहुचर्चित डबल मर्डर केस की पूरी और क्रूर कहानी क्या थी.
💔 प्रेम प्रसंग से शुरू हुई थी दुश्मनी, प्रेमी और प्रेमिका दोनों की हुई थी नृशंस हत्या
यह पूरा सनसनीखेज मामला एक प्रेम संबंध को लेकर दो परिवारों और पक्षों के बीच पैदा हुई गहरी दुश्मनी से जुड़ा हुआ था, जिसने कुछ ही समय बाद एक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया था. पुलिस की जांच के अनुसार, सबसे पहले प्रेमी रमन पाल पर उसकी प्रेमिका के पति और उसके परिजनों ने लाठी-डंडों तथा कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी थी. इस पहली घटना के बाद प्रतिशोध और बदले की आग में सुलग रहे मृतक प्रेमी रमन पाल के परिजनों ने कथित तौर पर प्रेमिका ममता को भी अपने रास्ते से हटाने के लिए उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी. एक के बाद एक हुई इन दो हत्याओं से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था और सनसनी फैल गई थी.
📋 पुलिस की गहन जांच और साक्ष्यों के आधार पर 6 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई थी चार्जशीट
इस दोहरे हत्याकांड के खुलासे और जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इन दोनों हत्याओं की वारदातों में दोनों ही पक्षों के अलग-अलग लोगों की संलिप्तता और मुख्य भूमिका थी. पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी सबूतों और चश्मदीद गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों पक्षों के कुल 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की थी. इसके बाद यह बहुचर्चित मामला सक्षम अदालत में चला, जहां लंबी कानूनी प्रक्रिया के तहत गवाहों के बयान दर्ज किए गए और दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं.
🏛️ अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाया फैसला, दोषियों पर लगाया गया आर्थिक जुर्माना
सभी पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने और पत्रावलियों पर उपलब्ध तमाम साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश नेहा आनंद की अदालत ने सभी 6 आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया. अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी 6 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इसके अलावा न्यायालय ने नरमी न बरतते हुए चार दोषियों पर 25-25 हजार रुपये और अन्य दो दोषियों पर 55-55 हजार रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है. अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) विनोद शुक्ला ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की निष्पक्ष विवेचना और अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में मजबूती से पेश किए गए पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर ही न्यायालय ने यह ऐतिहासिक और न्यायसंगत फैसला सुनाया है.