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Mumbai Missing Child Case: तीन साल से लापता 8 साल का बच्चा अपने माता-पिता से मिला, मुंबई पुलिस की सूझबूझ से सुलझा मामला

मुंबई पुलिस की तन्मयता, सतर्कता और लगातार किए गए अथक प्रयासों के बाद तीन साल से लापता चल रहा एक 8 वर्षीय बच्चा आखिरकार सकुशल अपने माता-पिता के पास पहुंच गया है. बच्चे के दो अलग-अलग नामों के सामने आने के कारण यह जांच काफी लंबे समय तक उलझी रही थी, लेकिन मुंबई पुलिस ने आधुनिक तकनीक, पुख्ता दस्तावेजों और जमीनी स्तर पर की गई सघन जांच की मदद से आखिरकार बच्चे की सही पहचान कर ली और उसे सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया. आइए जानते हैं कि आखिर पुलिस ने इस जटिल मामले को कैसे सुलझाया.

🏫 अंधेरी पूर्व के स्नेह सदन बाल अनाथालय से अक्टूबर 2023 में लापता हुआ था बच्चा

यह पूरा मामला मुंबई के अंधेरी पूर्व स्थित ‘स्नेह सदन बाल अनाथालय’ से जुड़ा हुआ है. बीते 22 अक्टूबर 2023 को अनीस खान नाम का 8 वर्षीय बच्चा इस अनाथालय से अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था. अनाथालय के कर्मचारी चंचल प्रसाद नायर द्वारा इस संबंध में एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में बच्चे की गुमशुदगी की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी. पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि लापता होने से ठीक एक दिन पहले इस बच्चे को जुहू चौपाटी के पास भटकते हुए जुहू पुलिस ने बरामद किया था. उस वक्त परिजनों का कोई सुता न मिलने के कारण उसे सुरक्षा की दृष्टि से स्नेह सदन भेज दिया गया था, लेकिन विडंबना यह रही कि वहां पहुंचने के ठीक अगले ही दिन वह फिर से गायब हो गया.

🔍 दो अलग-अलग नामों और कागजातों की कमी में उलझी जांच, बनाई गई विशेष टीम

लापता बच्चे के दो अलग-अलग नाम सामने आने और पुलिस के पास पर्याप्त दस्तावेज न होने के कारण इस मामले की जांच लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ पा रही थी और केस पेंडिंग बना रहा. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम जोन-10 के पुलिस उपायुक्त के विशेष निर्देशों पर एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया गया. पीएसआई सागर हुजरे के नेतृत्व में इस विशेष टीम ने सीसीटीएनएस (CCTNS), आईसीजेएस (ICJS) पोर्टल, गुमशुदा व्यक्ति खोज केंद्र और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का प्रभावी इस्तेमाल किया. इसके साथ ही टीम ने मुंबई के अलग-अलग इलाकों में स्थित अनाथालयों और बाल सुधार गृहों में जाकर वर्ष 2023 के बाद भर्ती हुए 8 से 13 वर्ष की आयु के बच्चों के पुराने रिकॉर्ड्स को खंगालना शुरू किया.

👨‍👩‍👦 मटुंगा के बाल सुधार गृह में मिली तस्वीर, इस तरह अपनों के पास पहुंचा बच्चा

गहन छानबीन के दौरान मटुंगा के एक किशोर सुधार गृह में ‘अमन शेख’ के नाम से रह रहे एक बच्चे की शारीरिक बनावट और तस्वीर लापता बच्चे अनीस से हूबहू मिलती-जुलती पाई गई. बिना देर किए पुलिस ने यह तस्वीर मालवानी क्षेत्र में रह रहे उसके रिश्तेदारों को दिखाई, जिन्होंने तस्वीर देखते ही तुरंत उसे अपना भतीजा पहचान लिया. इसके बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा कर बच्चे की पहचान की आधिकारिक पुष्टि की और अंततः उसे उसके वास्तविक माता-पिता को सौंप दिया. करीब तीन साल तक पहेली बने इस जटिल मामले को मुंबई पुलिस ने अपनी अथक मेहनत, तकनीकी सूझबूझ और मानवीय संवेदनाओं के साथ सुलझा लिया है. बच्चे के सुरक्षित अपने परिवार के पास लौटने के बाद से हर तरफ मुंबई पुलिस की इस सराहनीय और संवेदनशील कार्रवाई की जमकर प्रशंसा हो रही है.