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अमित शाह ने सीएम हिमंत से की चर्चा, हरसंभव मदद का भरोसा

असम में मरने वालों की संख्या बढ़कर 42 हुई

  • हर परिवार को चार लाख की अनुग्रह राशि

  • तीस हजार विस्थापितों के लिए राहत शिविर

  • राज्य में 248 से अधिक राहत शिविर खोले

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम इस समय हाल के वर्षों के सबसे भीषण बाढ़ संकट से जूझ रहा है। राज्य में अपस्ट्रीम क्लाउडबर्स्ट और सामान्य से 436 प्रतिशत अधिक हुई तीव्र वर्षा के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। बाढ़ के कारण अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 88 से अधिक लोग लापता हैं। राज्य के 25 जिलों के 1,800 से अधिक गांवों में 17 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

शिवसागर सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला है, जहाँ 13.59 लाख से अधिक लोग संकट में हैं। इसके अलावा जोरहाट, चराईदेव, डिब्रूगढ़ और गोलाघाट में भी भारी तबाही हुई है। ब्रह्मपुत्र सहित दिखौ और दिसांग नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। चराईदेव के अभयपुरिया गाँव में एक ही परिवार के चार सदस्यों के पानी के तेज बहाव में बह जाने जैसी कई दुखद घटनाएँ सामने आई हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द ही केंद्र का एक प्रतिनिधिमंडल असम पहुंचेगा। राज्य में भारतीय वायु सेना, एनडीआरए, एसडीआरएफ और सेना की टीमें हेलीकॉप्टरों और नौकाओं के ज़रिये चौबीसों घंटे बचाव अभियान चला रही हैं। प्रभावितों के लिए 273 से अधिक राहत शिविर और वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ 1.14 लाख से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों (गोलाघाट, शिवसागर, चराईदेव) का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि कई इलाकों में सड़क और संचार संपर्क टूटने से राहत सामग्री पहुँचाने में कठिनाई आ रही है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है तथा प्रभावित परिवारों के पूर्ण पुनर्वास का वादा किया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए राज्य में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।