कूटनीतिक वार्ता के केंद्र में यूक्रेन और पश्चिम एशिया का युद्ध
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में यूक्रेन संकट और पश्चिम एशिया के संघर्षों सहित विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत के निरंतर समर्थन और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, विदेश मंत्री लावरोव ने पीएम मोदी को दिसंबर 2025 में हुए 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के बाद से द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति की जानकारी दी। दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। प्रधानमंत्री मोदी ने लावरोव के माध्यम से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भेजीं।
यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत से ही भारत का रुख स्पष्ट रहा है। नई दिल्ली ने लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की वकालत की है, साथ ही रूस के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को भी सुरक्षित रखा है। लावरोव ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आए हैं।
उन्होंने कहा कि रूस प्रमुख वैश्विक मंचों पर भारतीय प्राथमिकताओं का समर्थन करता है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में आर्थिक और ऊर्जा आयामों पर विशेष चर्चा हुई। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में भी सहयोग का विस्तार हुआ है। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन और जी20 जैसे मंचों पर आपसी सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। इस मुलाकात ने वैश्विक अस्थिरता के दौर में भी भारत और रूस के बीच समय की कसौटी पर खरी उतरी दोस्ती और निरंतर संवाद के महत्व को रेखांकित किया है।