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बंदरों से निपटने के लिए लंगूरों के कट आउट लगाये

वन विभाग ने बंदरों को रोकने के लिए अपनायी नई रणनीति

राष्ट्रीय खबर

मथुराः उत्तर प्रदेश के तीन दिवसीय दौरे पर आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार शाम मथुरा पहुँचीं, जहाँ उन्होंने विभिन्न मंदिरों के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मथुरा पहुँचने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। राष्ट्रपति ने वृंदावन स्थित प्रसिद्ध प्रेम मंदिर में मत्था टेका और प्रार्थना की। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 20 मार्च को वह वृंदावन के परिक्रमा मार्ग, वराह घाट के समीप स्थित श्री प्रेमानंद जी महाराज आश्रम का दौरा करेंगी। राष्ट्रपति के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान वृंदावन और गोवर्धन क्षेत्र में बंदरों के बढ़ते आतंक से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश वन विभाग ने विशेष और अनूठी तैयारी की है। अधिकारियों ने बताया कि बंदरों को डराने और दूर रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर लंगूरों के कट-आउट (विशाल पोस्टर) लगाए गए हैं।

गौरतलब है कि वृंदावन की तंग गलियों में आने वाले श्रद्धालुओं को अक्सर बंदरों के उत्पात का सामना करना पड़ता है। ये बंदर पलक झपकते ही लोगों के चश्मे, बटुए और मोबाइल फोन छीन लेते हैं, जबकि खाद्य पदार्थों को तो वे सेकंडों में झपट लेते हैं। ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है।

वन विभाग ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रमुख स्थानों पर लंगूरों के ये कट-आउट स्थापित किए हैं, क्योंकि बंदर स्वाभाविक रूप से लंगूरों से डरते हैं। फारेस्ट रेंजर अतुल तिवारी ने मीडिया को बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के कड़े नियमों के कारण अब बंदरों को भगाने के लिए पहले की तरह जीवित लंगूरों का शारीरिक रूप से उपयोग नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा, कानूनी बाध्यताओं को देखते हुए, हम बंदरों के लिए निवारक के रूप में लंगूरों के आदमकद कट-आउट का उपयोग कर रहे हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि यह मनोवैज्ञानिक तरीका राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान बंदरों को सुरक्षित दूरी पर रखने में कारगर साबित होगा।