पश्चिम बंगाल में खेमाबंदी के बीच चुनाव प्रचार तेज
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निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला
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नंदीग्राम में अब पवित्र कर मैदान में
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मां, माटी, मानुष का युद्धघोष फिर से
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः बंगाल भाजपा ने मोदी की जनसभा के बाद अपनी रणनीति को अंजाम देना प्रारंभ कर दिया है। इसके तहत सबसे प्रमुख पहल भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी को प्रत्याशी बनाना है। यह सीट ममता बनर्जी की है और भाजपा टीएमसी को उसके सबसे मजबूत किला में ही चुनौती देने के साथ साथ ममता को इसी सीट पर फंसने की चाल चल रही है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। इस बार का चुनाव दिग्गजों की जंग बनने जा रहा है, क्योंकि ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता की अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर से चुनाव लड़ेंगी। यहाँ उनका सीधा मुकाबला उनके पूर्व सहयोगी और अब भाजपा के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी से होगा।
ममता बनर्जी और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में होने वाले चुनावों के लिए 291 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। इस सूची की खास बात यह है कि ममता बनर्जी इस बार नंदीग्राम से चुनाव नहीं लड़ेंगी, जहाँ पिछली बार उन्हें शुभेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा था। नंदीग्राम में इस बार टीएमसी ने पवित्र कर को मैदान में उतारा है, जो पहले शुभेंदु के करीबी थे लेकिन अब पाला बदल चुके हैं।
वहीं, भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी पर बड़ा दांव खेलते हुए उन्हें दो सीटों—नंदीग्राम और भवानीपुर—से मैदान में उतारा है। दक्षिण कोलकाता में शुभेंदु को उतारना ममता बनर्जी के गढ़ में उन्हें सीधी चुनौती देने जैसा है, क्योंकि ममता बनर्जी यहाँ से छह बार लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं।
उम्मीदवारों के नामों की घोषणा से पहले ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राज्य के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये नियुक्तियां भाजपा कार्यालयों के इशारे पर की गई हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए कहा कि आयोग बादलों के पीछे से खेल रहा है और उन्हें सीधे भाजपा के प्रचार में शामिल होने की चुनौती दी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि नए अधिकारियों की तैनाती भाजपा को नकदी और हथियारों की आवाजाही में मदद करने के लिए की गई है।
ममता बनर्जी ने इस चुनाव के लिए 226 सीटों का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो 2021 की 215 सीटों से अधिक है। उन्होंने भाजपा को केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग न करने और राजनीतिक रूप से लड़ने की चुनौती दी। अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए उन्होंने कहा, यह बंगाल के अस्तित्व की लड़ाई है। दिल्ली के लड्डू यहाँ नहीं चलेंगे, यहाँ केवल बंगाल की मां, माटी और मानुष की जीत होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही शक्तियां छीन ली गई हों, लेकिन जनशक्ति अभी भी उनके साथ है।