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लोकसभा में रेलवे और कृषि अनुदान पर चर्चा

सांसदों का निलंबन वापस होने के बाद शांति बहाल

  • रेल और कृषि क्षेत्र पर ध्यान

  • राज्यसभा में विनियोग विधेयक

  • एमएसपी पर विपक्ष ने सवाल किये

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः संसद के बजट सत्र के दौरान आज लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अत्यंत महत्वपूर्ण रही। निचले सदन, यानी लोकसभा में आज मुख्य रूप से रेल मंत्रालय और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान की मांगों  पर चर्चा और मतदान निर्धारित है।

सदन की कार्यसूची के अनुसार, आज रेल मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाली अनुदान मांगों पर विस्तृत बहस होगी। उम्मीद है कि इस चर्चा के दौरान बुनियादी ढांचे के विकास, नई ट्रेनों के परिचालन, यात्री सुरक्षा और रेलवे के आधुनिकीकरण जैसे प्रमुख मुद्दों पर सदस्य अपने विचार रखेंगे। चर्चा के समापन पर इन मांगों को सदन की मंजूरी के लिए मतदान हेतु रखा जाएगा।

रेलवे के साथ-साथ, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की अनुदान मांगों पर भी आज चर्चा सूचीबद्ध है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए यह सत्र काफी अहम माना जा रहा है। इसमें किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों, न्यूनतम समर्थन मूल्य, सिंचाई परियोजनाओं और कृषि क्षेत्र में नई तकनीक के समावेश पर विपक्षी दल और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आवंटित बजट प्रस्तावों पर सदस्यों के सुझाव और आपत्तियां इस प्रक्रिया का मुख्य हिस्सा होंगी।

संसद के ऊपरी सदन, राज्यसभा में आज विनियोग विधेयक, 2026 को विचारार्थ और वापस करने के लिए पेश किया गया। यह विधेयक सरकार को भारत की संचित निधि से वित्तीय वर्ष 2025-26 की सेवाओं के लिए कुछ अतिरिक्त धनराशि निकालने और उपयोग करने का वैधानिक अधिकार प्रदान करता है। विनियोग विधेयक का पारित होना सरकार के लिए अनिवार्य है क्योंकि इसके बिना वह सरकारी खजाने से किसी भी खर्च के लिए पैसा नहीं निकाल सकती। संसद के दोनों सदनों में इन वित्तीय चर्चाओं के चलते आज का दिन नीतिगत निर्णयों और बजटीय आवंटन की दृष्टि से अत्यंत निर्णायक साबित होगा।