बेल्जियम के विशेष बलों ने की कार्रवाई
ब्रुसेल्स: यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए पश्चिमी देशों ने अब समुद्र में अपनी घेराबंदी सख्त कर दी है। हाल ही में बेल्जियम के विशेष बलों ने उत्तरी सागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक साहसिक और रणनीतिक रात्रिकालीन ऑपरेशन को अंजाम देते हुए रूस के शैडो फ्लीट से जुड़े तेल टैंकर ईथरा को अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस सैन्य कार्रवाई ने मॉस्को के अवैध तेल निर्यात नेटवर्क को एक बड़ा कूटनीतिक और आर्थिक संदेश दिया है।
यह ऑपरेशन नाटो सहयोगियों के बीच सटीक खुफिया जानकारी और उच्च स्तरीय समन्वय का परिणाम था। बेल्जियम के समुद्री विशेष बलों ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए टैंकर पर धावा बोला, जिसमें फ्रांसीसी सैन्य हेलीकॉप्टरों ने हवाई सुरक्षा और निगरानी प्रदान की। समुद्र की उग्र लहरों के बीच किए गए इस वर्टिकल इंटरडिक्शन मिशन का उद्देश्य जहाज को बिना किसी जान-माल के नुकसान के सुरक्षित जब्त करना था।
बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रैंकेन ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि ईथरा टैंकर अंतरराष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ा रहा था। जांच में पाया गया कि यह जहाज गिनी के फर्जी झंडे के नीचे संचालित हो रहा था, ताकि इसकी वास्तविक रूसी पहचान छुपाई जा सके।
रक्षा मंत्री के अनुसार, यह जहाज यूरोपीय संघ की प्रतिबंधित संपत्तियों की सूची में पहले से शामिल था। इसके दस्तावेज़ों में हेरफेर कर इसे घोस्ट शिप की तरह चलाया जा रहा था। रूसी मूल के कैप्टन को हिरासत में ले लिया गया है और उससे ब्रुसेल्स में सघन पूछताछ की जा रही है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस सफलता की सराहना करते हुए इसे रूस के अवैध तेल नेटवर्क के लिए एक घातक झटका करार दिया है।
गौरतलब है कि रूस अपने पुराने और जर्जर टैंकरों के बेड़े (जिसे शैडो फ्लीट कहा जाता है) का उपयोग पश्चिमी प्रतिबंधों और प्राइस कैप को दरकिनार करने के लिए कर रहा है। ये जहाज अक्सर बिना पर्याप्त बीमा और सुरक्षा मानकों के चलते हैं, जो न केवल युद्ध के लिए धन जुटाते हैं बल्कि समुद्री पर्यावरण के लिए भी एक बड़ा खतरा (तेल रिसाव का जोखिम) हैं। इस जब्ती के बाद यूरोपीय संघ अब समुद्र में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध जहाजों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग को और सख्त करने पर विचार कर रहा है।