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ईरान संकट पर चीन की तीखी प्रतिक्रिया सामने आयी

संप्रभुता पर हमला करार देते हुए युद्धविराम की मांग

बीजिंग: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और अमेरिका-इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद वैश्विक राजनीति में उबाल आ गया है। चीन ने रविवार को इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ फोन पर हुई बातचीत में इस घटनाक्रम को एक संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ नग्न आक्रामकता और सत्ता परिवर्तन का खुल्लम-खुल्ला प्रयास करार दिया।

चीन और रूस ने एक सुर में इन हमलों की आलोचना की है। चीनी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, वांग यी ने स्पष्ट किया कि किसी संप्रभु नेता की हत्या और सैन्य बल के माध्यम से शासन बदलने की कोशिश अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। रूस और चीन दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार था, फिर भी उन पर हमले किए गए। उन्होंने तत्काल युद्धविराम और राजनयिक समाधान की अपील की है ताकि खाड़ी देशों के सुरक्षा हितों की रक्षा की जा सके।

युद्ध की भयावहता को देखते हुए चीन ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठाए हैं। चीनी दूतावास ने अपने नागरिकों को इज़राइल के सुरक्षित इलाकों में जाने या मिस्र के टाबा बॉर्डर के जरिए देश छोड़ने की सलाह दी है। ईरान में मौजूद चीनी नागरिकों को अजरबैजान, आर्मेनिया, तुर्की और इराक के जमीनी रास्तों से तुरंत निकलने को कहा गया है।

चीनी विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरान द्वारा किए गए जवाबी हमलों में कुछ चीनी नागरिक घायल हुए हैं और कई अन्य युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। जहाँ एक ओर चीन इसे आधिपत्य की राजनीति कह रहा है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से इस मौके का फायदा उठाकर सरकार की कमान अपने हाथ में लेने का आह्वान किया है। इस बीच, ईरान की ओर से किए जा रहे जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने खाड़ी के कई शहरों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे हवाई सेवाएं रद्द कर दी गई हैं और पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है।