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बांग्लादेश के 21 प्रवासियों को वापस भेजा गया

असम के श्रीभूमि पुलिस ने आधी रात को चलाया अभियान

  • असम के मुख्यमंत्री ने दी जानकारी

  • पहले सारी जानकारी हासिल कर ली गयी

  • गोपनीय तरीके से पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम में अवैध घुसपैठ के खिलाफ राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने अपनी सक्रियता और अधिक बढ़ा दी है। रविवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि राज्य पुलिस ने देर रात एक अत्यंत संवेदनशील और सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इस विशेष अभियान के तहत 21 अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें उनके मूल देश की सीमा के पार वापस भेज दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से इस कार्रवाई का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन रात के लगभग 12:30 बजे चलाया गया, जब राज्य की सीमाएं और सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क थे। मुख्यमंत्री ने जिला पुलिस, विशेष रूप से श्रीभूमि पुलिस की मुस्तैदी की प्रशंसा करते हुए लिखा, सतर्क नजरें। आधी रात को कार्रवाई। ठीक रात 12:30 बजे, 21 अवैध प्रवासियों को उनके संबंधित देश वापस भेज दिया गया। उनकी यह टिप्पणी राज्य में सुरक्षा तंत्र की निरंतर तत्परता को दर्शाती है।

अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अभियान को बेहद गोपनीय और व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया गया। सबसे पहले, खुफिया जानकारी के आधार पर श्रीभूमि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से इन संदिग्ध प्रवासियों को हिरासत में लिया गया। इसके उपरांत, निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत विस्तृत दस्तावेजीकरण और उनकी राष्ट्रीयता की गहन पुष्टि की गई। जब यह प्रमाणित हो गया कि ये व्यक्ति अवैध रूप से भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे, तब उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सीमा पार वापस भेज दिया गया।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई असम सरकार द्वारा चलाए जा रहे उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करना और उन्हें निर्वासित करना है। असम की भौगोलिक स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के कारण घुसपैठ एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में, राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अवैध घुसपैठ के मामले में जीरो टॉलरेंस (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाएगी। इस तरह के अभियानों से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि यह अवैध तत्वों के लिए एक कड़ा संदेश भी है।