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जनरल नरवणे की दूसरी पुस्तक बाजार में आयी

पहली पुस्तक अब भी सरकारी स्वीकृति में अटकी रही

  • फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी पर विवाद

  • नई पुस्तक सैन्य लोककथाओं पर

  • एक मर्डर मिस्ट्री पुस्तक भी लिखी

नई दिल्ली: पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे (सेवानिवृत्त) ने एक नई गैर-काल्पनिक पुस्तक द क्यूरियस एंड द क्लासिफाइड, अनअर्थिंग मिलिट्री मिथ्स एंड मिस्ट्रीज पेश की है। यह पुस्तक उनकी पिछली कृति फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी को लेकर हुए विवादों के बाद आई है, जो अब तक अप्रकाशित है। रूपा पब्लिकेशंस द्वारा घोषित इस पुस्तक में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी उन दिलचस्प कहानियों और रहस्यों से पर्दा उठाया गया है, जो अब तक आम जनता की नजरों से दूर थे। प्रकाशक के अनुसार, यह वर्दी में साहस, संस्कृति और जिज्ञासा का एक अनूठा वृत्तांत है।

इससे पहले, पिछले महीने पुणे में अपनी मर्डर-मिस्ट्री पुस्तक द कैंटोन्मेंट कॉन्स्पिरसी के विमोचन पर जनरल नरवणे ने बताया था कि वे अब अकादमिक लेखों के अलावा कथा लेखन में भी रुचि ले रहे हैं। गौरतलब है कि उनकी अप्रकाशित संस्मरण को लेकर इस साल की शुरुआत में संसद में काफी हंगामा हुआ था, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसका हवाला देकर सरकार को घेरा था। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई थी कि अप्रकाशित पुस्तक के अंशों को प्रमाणित नहीं माना जा सकता।

जनरल नरवणे की यह नई पुस्तक सैन्य लोककथाओं और अल्पज्ञात तथ्यों पर आधारित है। इसमें चक दे फट्टे नारे की 17वीं-18वीं शताब्दी की सिख सैन्य जड़ों, कैप्टन बाबा हरभजन सिंह की प्रेरणादायक गाथा और बदलूराम का बदन गीत के पीछे के नायक बदलूराम की कहानी शामिल है। पुस्तक प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेंगलुरु के हथियारों से जुड़ाव, आईएनएस खुकरी के भाग्य और जांबाज सैन्य खच्चर पेडोंगी जैसे दिलचस्प विषयों की भी पड़ताल करती है।

जनरल नरवणे दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक 28वें थल सेनाध्यक्ष रहे। चार दशकों के अपने शानदार करियर में उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक और अति विशिष्ट सेवा पदक सहित कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है।