Breaking News in Hindi

माउंट सोपुतन ज्वालामुखी विस्फोट से परेशानी

इंडोनेशिया के उत्तरी सुलावेसी प्रांत में फिर प्राकृतिक आपदा

जकार्ता: इंडोनेशिया के उत्तरी सुलावेसी प्रांत में स्थित सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक, माउंट सोपुतन, आज तड़के अचानक फट पड़ा। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसने न केवल स्थानीय निवासियों को झकझोर दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में आपातकालीन स्थिति पैदा कर दी है।

स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 3:15 बजे, पहाड़ के गर्भ से एक गगनभेदी गर्जना सुनाई दी, जिसने गहरी नींद में सोए लोगों को दहशत में डाल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूँज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। ज्वालामुखी के क्रेटर से गर्म राख और धुएं का एक विशाल गुबार निकला, जो देखते ही देखते आसमान में लगभग 3,000 मीटर (9,800 फीट) की ऊंचाई तक पहुँच गया।

इंडोनेशियाई ज्वालामुखी विज्ञान और भूवैज्ञानिक आपदा न्यूनीकरण केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से अलर्ट स्तर को बढ़ा दिया है। उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों और जमीनी डेटा से पता चला है कि ज्वालामुखी की राख का प्रसार मुख्य रूप से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप, निचले इलाकों और आस-पास के गाँवों में घनी राख की परत जम गई है, जिससे दृश्यता शून्य हो गई है और सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ गया है।

प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से माउंट सोपुतन के शिखर से 4 से 6 किलोमीटर के दायरे को खतरनाक क्षेत्र घोषित कर दिया है। स्थानीय पुलिस और सेना की टुकड़ियों ने मोर्चा संभाल लिया है और पर्यटकों सहित स्थानीय निवासियों को इस दायरे से बाहर रहने की सख्त चेतावनी दी गई है। भूवैज्ञानिक विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि यह विस्फोट अचानक नहीं हुआ, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों से क्षेत्र में बढ़ रही निरंतर टेक्टोनिक गतिविधियों और भूमिगत दबाव का परिणाम है।

विस्फोट के साथ-साथ एक अन्य गंभीर खतरा ठंडे लावा और कीचड़ के प्रवाह का है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि आने वाले घंटों में भारी बारिश होती है, तो राख और मलबे का यह मिश्रण पहाड़ी नदियों के रास्ते गांवों में तबाही मचा सकता है। एहतियात के तौर पर, प्रशासन ने अब तक लगभग 2,500 परिवारों को सुरक्षित ठिकानों और राहत शिविरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी रेड अलर्ट जारी किया है। हवा में मौजूद सूक्ष्म सिलिका और राख के कण फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसलिए, निवासियों को अनिवार्य रूप से मास्क और सुरक्षात्मक चश्मे पहनने की सलाह दी गई है।

इंडोनेशिया की भौगोलिक स्थिति इसे दुनिया के सबसे खतरनाक क्षेत्रों में से एक बनाती है। रिंग ऑफ फायर पर स्थित होने के कारण यहाँ 120 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी हैं। हालांकि इंडोनेशिया के लिए ज्वालामुखी विस्फोट नई बात नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि सोपुतन का यह वर्तमान विस्फोट हाल के वर्षों में दर्ज किए गए सबसे शक्तिशाली विस्फोटों में से एक है।