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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर जोरदार हमला

एकतरफा समझौता में सरकार ने भारत माता को बेचा

  • यह सरकार का थोक समर्पण ही है

  • किससे तेल खरीदे यह अमेरिका तय करेगा

  • पूरी दुनिया बड़े युद्ध की तरफ अग्रसर है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: बजट चर्चा के दौरान बुधवार को लोकसभा में उस समय तीखी बहस देखने को मिली जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। गांधी ने आरोप लगाया कि यह समझौता पूरी तरह एकतरफा है और सरकार ने इसके जरिए भारत माता को बेच दिया है। राहुल गांधी ने सदन में कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए इस व्यापार सौदे को थोक समर्पण करार दिया। उन्होंने कहा कि इस समझौते के माध्यम से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हितों को अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिया गया है।

उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा, आपने भारत को बेच दिया है। क्या आपको भारत को बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी मां, ‘भारत माता’ को बेच दिया है। राहुल गांधी ने तर्क दिया कि यदि इंडिया गठबंधन की सरकार होती, तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बराबरी के स्तर पर बातचीत करती और स्पष्ट करती कि भारत के साथ एक समान भागीदार की तरह व्यवहार किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने इस समझौते के दूरगामी परिणामों पर चिंता जताते हुए कई बातें कही। उन्होंने दावा किया कि इस सौदे के बाद अब अमेरिका यह तय करेगा कि भारत किससे तेल खरीदेगा। इससे भारत की अपनी निर्णय लेने की संप्रभुता खतरे में पड़ गई है। गांधी ने चेतावनी दी कि अमेरिकी कृषि उत्पादों के भारतीय बाजार में आने से स्थानीय किसानों के सामने तूफान जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी, जिससे उनकी आजीविका संकट में पड़ जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनएसए अजीत डोभाल के पिछले बयानों (कि यह युद्ध का युग नहीं है) का संदर्भ देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वास्तविकता इसके विपरीत है। उन्होंने कहा, सच्चाई यह है कि हम युद्ध के युग की ओर बढ़ रहे हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि एक खतरनाक विश्व व्यवस्था में हमें अपनी असली ताकत, यानी अपने लोगों को समझना होगा। उन्होंने डेटा, खाद्य आपूर्ति, ऊर्जा प्रणाली और देश की जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।