Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Purnia Murder Case: पूर्णिया में खौफनाक वारदात! ड्यूटी से लौट रहे बस ड्राइवर को चाकू से गोदा, 2 पत्न... Indore Crime News: शादी के नाम पर करोड़ों की ठगी, 40 महिलाओं को फंसाने वाला शातिर कैफे से अरेस्ट Lokesh Meena Death Case: अपने ही गोत्र में इश्क करने पर 7 लाख जुर्माना, अब जिंदा जलने से युवक की संद... Bihar Politics: सरकारी कैलेंडर पर मंत्री ने छपवाई परिवार की फोटो, शुरू हुआ विवाद, RJD का हमला Bareilly Crime News: अश्लील हरकत का विरोध करने पर सब्जी वाले के घर पथराव, ईंट लगने से बुजुर्ग महिला ... Agra News: आगरा में बच्ची की हत्या पर भड़की भीड़, पथराव और गाड़ियों में तोड़फोड़ Bangladesh Bus Accident: नदी में गिरी यात्रियों से भरी बस, 23 लोगों की दर्दनाक मौत, कई लापता Bastar Naxal News: 96% नक्सल मुक्त हुआ बस्तर, जानें 400 सिक्योरिटी कैंप को लेकर क्या है सरकार का प्ल... खाड़ी में भयंकर युद्ध! ईरान के हमले में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत, कुवैत में मची सबसे ज्यादा तबाही दुश्मनों की अब खैर नहीं! ड्रोन से लैस होंगे भारतीय सेना के टैंक, 'शौर्य स्क्वाड्रन' बना हाईटेक ताकत

दाल पर विवाद हुआ तो ट्रंप प्रशासन का एक और यू टर्न

अखंड भारत का नक्शा ही वापस ले लिया

  • पाक अधिकृत कश्मीर भी था

  • अक्साई चीन भी भारतीय मैप में

  • अब इस नक्शे को ही हटा दिया गया

वॉशिंगटन: एक नाटकीय घटनाक्रम में, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स से भारत का वह आधिकारिक मानचित्र हटा दिया है, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और अक्साई चिन को भारत के अभिन्न अंग के रूप में दर्शाया गया था। यह कदम पिछले सप्ताह भारत और अमेरिका के बीच हुए ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा के बाद उठाया गया है।

7 फरवरी 2026 को ट्रेड डील की घोषणा के साथ जारी किए गए इस मानचित्र ने राजनयिक हल्कों में हलचल मचा दी थी। दशकों से अमेरिकी सरकार के मानचित्रों में पाक अधिकृत कश्मीर को विवादित क्षेत्र के रूप में अलग से चिह्नित किया जाता रहा है। हालांकि, इस नए मानचित्र में किसी भी प्रकार की सीमांकन रेखा नहीं थी और विवादित क्षेत्रों को पूरी तरह भारतीय सीमाओं के भीतर दिखाया गया था। शुरुआत में इसे ट्रंप 2.0 प्रशासन की ओर से भारत के प्रति एक बड़े कूटनीतिक बदलाव के रूप में देखा गया, लेकिन सोमवार शाम तक इस पोस्ट को बिना किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण के हटा दिया गया।

भारत में दाल की खरीद संबंधी पूर्व शर्त पर बदलाव होने के बाद इस नक्शा को भी बदला दर्शाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, इस मानचित्र के सामने आने के बाद पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। इस्लामाबाद ने वॉशिंगटन में स्टेट डिपार्टमेंट और इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास के समक्ष अपना विरोध जताते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के खिलाफ बताया।

राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने यह कदम संभवतः किसी बड़े विवाद से बचने के लिए उठाया है। कुछ सूत्रों का यह भी कहना है कि यह मानचित्र तकनीकी त्रुटि या गूगल मैप्स के स्थानीय संस्करण का उपयोग करने के कारण अनजाने में पोस्ट हो गया था। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों ने अपने व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई दी है।

अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगने वाले 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। रत्न, आभूषण, जेनेरिक दवाओं और विमान के पुर्जों पर शुल्क अब शून्य कर दिया गया है। भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का अमेरिकी बाजार अब और अधिक सुलभ हो गया है।

नक्शे को हटाना यह दर्शाता है कि व्यापारिक मजबूती के बावजूद, अमेरिका अभी भी कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अपनी पुरानी आधिकारिक स्थिति को पूरी तरह छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। भारत हमेशा से ही अपनी सीमाओं के गलत चित्रण पर कड़ा रुख अपनाता रहा है और विदेश मंत्रालय लगातार वैश्विक एजेंसियों से सटीक मानचित्रों के उपयोग का आग्रह करता रहा है। दूसरी तरफ लोग यह मान रहे हैं कि अमेरिकी दाल भारत में नहीं गलता देख अमेरिका ने पूर्व स्थिति बहाल कर दी है।