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अमेरिकी व्यापार नीति में दिखा अखंड भारत का नक्शा

पाकिस्तान और चीन को एक साथ कूटनीतिक संदेश

  • पाक अधिकृत कश्मीर भी है इसमें

  • अक्साई चीन भी भारत का ही हिस्सा

  • पाकिस्तान के लिए राजनयिक अपमान

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच शनिवार को हुए अंतरिम व्यापार समझौते ने केवल आर्थिक मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति में भी हलचल मचा दी है। इस समझौते के विवरण साझा करते समय अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के कार्यालय द्वारा जारी भारत के एक विशिष्ट नक्शे ने पाकिस्तान और चीन को कूटनीतिक रूप से बैकफुट पर धकेल दिया है।

अमेरिकी प्रशासन द्वारा जारी इस आधिकारिक नक्शे में पूरे जम्मू-कश्मीर को, जिसमें पाक अधिकृत कश्मीर भी शामिल है, भारत के अभिन्न अंग के रूप में दिखाया गया है। इतना ही नहीं, इस नक्शे में अक्साई चिन को भी भारतीय क्षेत्र का हिस्सा दर्शाया गया है, जिस पर चीन अपना दावा ठोकता रहा है। यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अमेरिका के दशकों पुराने रुख से पूरी तरह अलग है।

इससे पहले अमेरिकी विदेश विभाग या अन्य एजेंसियां जब भी भारत का नक्शा जारी करती थीं, तो पीओके को विवादित क्षेत्र के रूप में या डॉटेड लाइन्स (बिंदीदार रेखाओं) के साथ दिखाया जाता था। ट्रंप प्रशासन द्वारा बिना किसी विशेष टिप्पणी के इस नक्शे को जारी करना यह संकेत देता है कि वर्तमान अमेरिकी नेतृत्व भारत के क्षेत्रीय दावों के साथ खड़ा है।

यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने अमेरिका के तीन दौरे किए थे और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ भी उनकी मुलाकातें हुई थीं। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वह कश्मीर मुद्दे पर अमेरिका का समर्थन जुटा पाएगा, लेकिन इस नक्शे ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।

नक्शे के साथ-साथ यह डील भारत के लिए आर्थिक रूप से भी राहत भरी है। पिछले साल के तनावपूर्ण दौर में ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50 फीसद टैरिफ लगाया था, जिसे अब घटाकर 18 फीसद कर दिया गया है। यह किसी भी एशियाई देश के लिए अमेरिका द्वारा दी गई सबसे कम टैरिफ दर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नक्शा महज एक ग्राफिक नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा कूटनीतिक संदेश है। यह दर्शाता है कि अमेरिका दक्षिण एशिया में भारत को अपना सबसे भरोसेमंद और प्रमुख साझेदार मानता है।