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लाल सागर के दक्षिणी तट से हजारों लोग घर से भागे

ईरान समर्थिक हूती विद्रोहियों का तेज गति से आगे बढ़ना जारी

सानाः ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा यमन के लाल सागर तट के दक्षिणी हिस्से में तेजी से आगे बढ़ने के कारण स्थानीय निवासियों को अपनी जान बचाने के लिए अचानक और बेहद खतरनाक स्थिति में पलायन करना पड़ा। इस खौफनाक अनुभव को बयां करते हुए अला अली सालेम ने बताया कि वे लोग भारी अफरा-तफरी के बीच एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर बिना किसी निश्चित मंजिल के निकल पड़े थे। सड़क पर अचानक अत्यधिक भीड़ जमा हो जाने के कारण गाड़ी चलाते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और मोटरसाइकिल पलट गई, जिससे उनकी पत्नी, बच्चों समेत पूरे परिवार को गंभीर चोटें आईं।

यमन जैसे आर्थिक रूप से बेहद कमजोर और युद्ध की विभीषिका झेल रहे देश में इस नए संघर्ष के कारण विस्थापित होने वाले परिवारों की संख्या प्रतिदिन तेजी से बढ़ रही है, जिससे एक बार फिर से पूर्ण गृहयुद्ध की आशंका गहरा गई है। एसोसिएटेड प्रेस के प्रतिनिधियों ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के नियंत्रण वाले शहर अदन का दौरा किया, जहां स्थानीय निवासियों ने इन नए शरणार्थियों और विस्थापितों के लिए अपने घरों के दरवाजे खोल दिए हैं।

अदन के उन घरों के कमरों का दृश्य बेहद दयनीय था, जहां बच्चे पतले गद्दों पर बेतरतीब ढंग से लेटे हुए थे और उनके पास जल्दबाजी में बटोरे गए कुछेक सामान ही मौजूद थे। कमरों में एक छोटी बच्ची मजबूती से स्मार्टफोन पकड़े नजर आई, तो दीवारों के सहारे बैसाखियां टिकी हुई थीं और चिलचिलाती धूप व तापमान तीस डिग्री सेल्सियस से ऊपर होने के बीच थके-हारे बुजुर्ग सुस्ता रहे थे।