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कृत्रिम चमड़ा रंग और आकार भी बदल लेगा

ऑक्टोपस की विशेषताओँ से प्रेरित वैज्ञानिकों का नया कमाल

  • प्रारंभिक प्रयोग मोनालिसा की फोटो के साथ

  • 4 डी प्रिंटिंग तकनीक का किया गया प्रयोग

  • समतल से त्रियामी भी बन जाएगी खुद ही

राष्ट्रीय खबर

रांचीः पेन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी अत्याधुनिक तकनीक विकसित की है, जिससे स्मार्ट सिंथेटिक स्किन (कृत्रिम त्वचा) तैयार की जा सकती है। यह त्वचा न केवल अपना आकार बदल सकती है, बल्कि इसमें छिपी हुई जानकारी या चित्रों को विशेष परिस्थितियों में प्रकट या ओझल भी किया जा सकता है। औद्योगिक और विनिर्माण इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर हांगताओ सन के नेतृत्व में विकसित यह सामग्री सेफलोपोड्स (जैसे ऑक्टोपस) से प्रेरित है।

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ये जीव अपने शरीर की बनावट और रंग को तेजी से बदलकर खुद को वातावरण में ढाल लेते हैं या संवाद करते हैं। शोधकर्ताओं ने इस जैविक प्रक्रिया को 4 डी प्रिंटिंग के माध्यम से एक नरम, जल-समृद्ध पदार्थ हाइड्रोजेल में उतारा है। इसे 4 डी इसलिए कहा गया है क्योंकि प्रिंट की गई वस्तुएं स्थिर नहीं रहतीं, बल्कि पर्यावरणीय परिवर्तनों के प्रति सक्रिय रूप से प्रतिक्रिया करती हैं।

इस स्मार्ट त्वचा की कार्यप्रणाली के पीछे हाफटोन-एनकोडेड प्रिंटिंग तकनीक है। इसमें छवियों या बनावट के डेटा को बाइनरी (0 और 1) में बदलकर सीधे हाइड्रोजेल के भीतर ही अंकित कर दिया जाता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे समाचार पत्रों में छोटे बिंदुओं के पैटर्न से चित्र बनाए जाते हैं।

जब इस सामग्री को गर्मी, रसायनों या भौतिक दबाव जैसे बाहरी संकेतों के संपर्क में लाया जाता है, तो हाइड्रोजेल के अलग-अलग हिस्से अलग-अलग तरह से फूलते या सिकुड़ते हैं। इस प्रकार, सामग्री को यह निर्देश दिए जाते हैं कि उसे कब और कैसे प्रतिक्रिया देनी है।

शोध दल ने अपनी तकनीक का प्रदर्शन करने के लिए हाइड्रोजेल की एक परत में मोना लिसा की पेंटिंग को एनकोड किया। शुरुआत में इथेनॉल से धोने पर यह पारदर्शी और खाली दिखाई दे रही थी, लेकिन जैसे ही इसे बर्फ के पानी में डाला गया या धीरे-धीरे गर्म किया गया, प्रसिद्ध पेंटिंग उभर कर सामने आ गई। शोधकर्ताओं के अनुसार, इस तकनीक का उपयोग भविष्य में सूचना एन्क्रिप्शन (गुप्त संदेश) और उन्नत छलावरण (कैमौफ्लॉज) के लिए किया जा सकता है।

यह स्मार्ट त्वचा बिना किसी अतिरिक्त परत के समतल शीट से जटिल त्रि-आयामी (3 डी) आकारों में बदल सकती है। हांगताओ सन का मानना है कि यह शोध उन्नत विनिर्माण, बुद्धिमान सामग्री और बायोमेडिकल उपकरणों के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा करेगा। यह तकनीक भविष्य में सॉफ्ट रोबोटिक्स और सुरक्षा प्रणालियों के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकती है।

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