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अचानक आयी बाढ़ में 12 लोगों की मौत हो गयी

ब्राजील में आठ घंटों से बदले मौसम में बारिश और बाढ़

ब्राजिलिया: ब्राजील के दक्षिणी हिस्से में मौसम के बदले मिजाज ने भीषण तबाही मचाई है। विशेष रूप से रियो ग्रांडे डो सुल और सांता कैटरीना राज्यों में पिछले आठ घंटों के दौरान हुई अप्रत्याशित मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं।

स्थानीय मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन प्रभावित क्षेत्रों में मात्र 6 घंटों के भीतर उतनी बारिश दर्ज की गई है, जितनी सामान्य परिस्थितियों में पूरे एक महीने में होती है। इस अचानक आए जल प्रलय के कारण जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का मौका तक नहीं मिल सका।

भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई बुनियादी ढाँचे इस आपदा की भेंट चढ़ गए हैं। कई प्रमुख पुल ढह चुके हैं और राज्यों को जोड़ने वाले राजमार्ग अब नदियों का रूप ले चुके हैं, जिससे सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया है। संचार व्यवस्था ठप होने के कारण राहत कार्यों में भी बाधा आ रही है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए ब्राजील की सेना और स्थानीय अग्निशमन विभाग ने संयुक्त मोर्चा संभाला है। बचाव दल नावों और हेलीकॉप्टरों के जरिए उन लोगों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं जो अपने घरों की छतों पर फंसे हुए हैं। बिजली के खंभे और सब-स्टेशन क्षतिग्रस्त होने के कारण लाखों घर अंधेरे में डूबे हुए हैं, जिससे राहत कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।

जलवायु वैज्ञानिकों ने इस चरम मौसमी घटना को अल नीनो प्रभाव से जोड़कर देखा है। विशेषज्ञों का तर्क है कि प्रशांत महासागर में हो रहे तापमान परिवर्तन के कारण दक्षिण अमेरिका के इस हिस्से में वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ गई है, जिससे ऐसी विनाशकारी वर्षा की आवृत्ति बढ़ी है।

ब्राजील के राष्ट्रपति ने स्थिति पर शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित क्षेत्रों के लिए तत्काल आपातकालीन कोष जारी करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती पहाड़ों से नीचे गिरता कीचड़ और मलबे का ढेर है, जो रिहायशी बस्तियों को अपनी चपेट में ले रहा है। स्थानीय प्रशासन ने बेघर हुए लोगों के लिए राहत शिविर स्थापित किए हैं और भोजन व स्वच्छ पेयजल की कमी को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील की है। आने वाले 24 घंटों में और अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान है, जिसने प्रशासन और नागरिकों की चिंताओं को और गहरा कर दिया है।