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बंगाल के एसआईआर मामले पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

तार्किक विसंगतियों की सूची जारी करें आयोग

  • आयोग का दूसरा निर्देश भी खारिज हुआ

  • एडमिट कार्ड को वैध दस्तावेज माना जाए

  • व्यक्ति अपना सहायक भी ले जा सकता है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: भारत के उच्चतम न्यायालय ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर राष्ट्रीय चुनाव आयोग को एक महत्वपूर्ण और कड़ा निर्देश जारी किया है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि आयोग को आगामी तीन दिनों के भीतर लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी (तार्किक विसंगतियों) की पूरी सूची सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करनी होगी। यह निर्देश मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग को यह सूची पंचायत, ब्लॉक और वार्ड कार्यालयों में अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी। सूची प्रकाशन के 10 दिनों के भीतर इन विसंगतियों पर सुनवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है। न्यायालय ने एक अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्था देते हुए कहा है कि एडमिट कार्ड को एसआईआर के लिए एक वैध दस्तावेज माना जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त, मतदाताओं की सुविधा के लिए कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि किसी मतदाता को सुनवाई के लिए बुलाया जाता है, तो वह अपने साथ एक प्रतिनिधि ले जा सकता है। यह प्रतिनिधि बूथ लेवल एजेंट भी हो सकता है, जिससे मतदाताओं को अपनी बात रखने में आसानी होगी।

आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के प्रति भारी उत्साह देखा गया है। मसौदा सूची प्रकाशित होने से पहले 3,31,075 नए आवेदन प्राप्त हुए थे। वहीं, पिछले एक महीने के दौरान यानी ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद, 5,59,053 अतिरिक्त लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है। इस प्रकार अब तक कुल 9,00,128 नए आवेदकों ने मतदाता सूची में शामिल होने की इच्छा जताई है।

आयोग ने 16 दिसंबर को मसौदा सूची प्रकाशित की थी और 17 दिसंबर से शिकायतों तथा आवेदनों को स्वीकार करना शुरू किया। इसमें नाम जोड़ने (फॉर्म-6) के साथ-साथ नाम हटाने (फॉर्म-7) के आवेदन भी शामिल हैं। हालांकि आवेदन जमा करने की तिथि समाप्त हो रही है, लेकिन सुनवाई की प्रक्रिया 7 फरवरी तक जारी रहेगी। मतदाता अपनी सुविधा के अनुसार आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इन नए निर्देशों के बाद अब चुनाव आयोग को अपनी कार्यप्रणाली में और अधिक तत्परता और पारदर्शिता लानी होगी।