Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Update: बंगाल के युवाओं और किसानों की चांदी! ममता सरकार देगी हर महीने भत्ता, जानें कैसे ... Jaipur Mystery: जयपुर में गायब हुए 2 जापानी टूरिस्ट; रेस्टोरेंट से हुए लापता और सीधे पहुँच गए जापान,... Rail Safety Crisis: ट्रेन में यात्री भगवान भरोसे! वेंडरों ने बेरहमी से पीट-पीटकर यात्री को किया अधमर... Assam Voter List: असम की फाइनल वोटर लिस्ट जारी; ड्राफ्ट सूची से 2.43 लाख नाम बाहर, अब 2.49 करोड़ मतद... Cyber Fraud Update: साइबर ठगों की अब खैर नहीं! CBI और I4C का चलेगा 'हंटर', अमित शाह ने दी देश के दुश... Delhi Govt Scheme: दिल्ली की बेटियों के लिए खुशखबरी! 'लखपति बिटिया' योजना का आगाज, अब लाडली की जगह म... Exam Special: ड्रोन कैमरे का कमाल! 12वीं के बोर्ड पेपर में दीवार फांदकर नकल कराते दिखे अभिभावक, कैमर... Peeragarhi Mystery: काला जादू या सोची-समझी साजिश? पीरागढ़ी केस में 'तांत्रिक' कनेक्शन से हड़कंप, कार... Budget 2026: लोकसभा में बजट पर बहस का आगाज़! राहुल और नरवणे की किताब पर विवाद के बीच विपक्ष ने सरकार... Delhi Crime: दिल्ली में खेल-खेल में मची चीख-पुकार! 18 साल के बेटे से गलती से चली गोली, मां की मौके प...

सरकार ने हकदारों को लौटाये दो हजार करोड़

विभिन्न खातों में अकारण पड़े थे यह सारे पैसे

  • विभिन्न एजेंसियों से आंकड़े जुटाये गये

  • बिना दावा के 78 हजार करोड़ पड़े है

  • नियमों को और सरल बनाया गया है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: केंद्र सरकार की एक विशेष मुहिम ने भारतीय नागरिकों को उनकी अपनी गाढ़ी कमाई वापस दिलाने में एक बड़ी सफलता अर्जित की है। शुक्रवार को वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने बैंकिंग, बीमा और निवेश क्षेत्रों में फंसे लगभग 2,000 करोड़ रुपये के बिना दावे वाले बचत को उनके वास्तविक मालिकों और कानूनी वारिसों तक सुरक्षित पहुँचा दिया है। यह बड़ी उपलब्धि केंद्र सरकार द्वारा अक्टूबर 2025 में शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी अभियान आपका पैसा, आपका अधिकार के तहत हासिल की गई है।

भारतीय समाज में बचत की एक गहरी परंपरा रही है। दशकों से परिवारों ने अपने बच्चों की उच्च शिक्षा, आकस्मिक स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए अपनी छोटी-बड़ी जमा राशि को वित्तीय संस्थानों में निवेश किया है। हालांकि, समय के साथ कई कारणों से यह पैसा संस्थानों के पास ही फंसा रह गया। अक्सर रोजगार के लिए पलायन, पते में बदलाव, बैंक खातों के संचालन में लंबे अंतराल, या खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवार को जानकारी न होने के कारण ये संपत्तियां लावारिस की श्रेणी में चली गईं।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत के विनियमित वित्तीय ढांचे में अब भी एक विशाल धनराशि बिना दावे के पड़ी है। वर्तमान अनुमानों के मुताबिक, भारतीय बैंकों में लगभग 78,000 करोड़ रुपये की ऐसी जमा राशि है जिसका कोई दावेदार सामने नहीं आया है। इसी तरह, बीमा क्षेत्र में 14,000 करोड़ रुपये, म्यूचुअल फंड में 3,000 करोड़ रुपये और शेयरों के लावारिस लाभांश के रूप में लगभग 9,000 करोड़ रुपये वित्तीय संस्थानों के पास सुरक्षित रखे हैं।

वित्त मंत्रालय का वित्तीय सेवा विभाग इस चुनौती से निपटने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण, और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड जैसे प्रमुख नियामकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। सरकार ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए आधुनिक डिजिटल पोर्टल और जिला-स्तरीय सुविधा केंद्र स्थापित किए हैं।

इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार की मेहनत की कमाई केवल कागजी औपचारिकताओं या जानकारी के अभाव में बेकार न जाए। आपका पैसा, आपका अधिकार पहल के माध्यम से नागरिकों को अपने पूर्वजों या स्वयं के पुराने निवेशों को खोजने और उन्हें पुनः प्राप्त करने के लिए एक सुलभ मंच प्रदान किया गया है, जो करोड़ों भारतीयों के लिए आर्थिक सुरक्षा का एक नया द्वार खोल रहा है।