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असम में 31 हजार से अधिक विदेशियों को लौटाया गया

70 ने सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन किया, अब तक 6 को मंजूरी 

  • इंफाल में दो समूहों का संयुक्त विरोध प्रदर्शन

  • असम  में 172673 विदेशियों की पहचान हुई

  • दो नाबालिग सहित चार आतंकी गिरफ्तार हुए

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम सरकार ने 7 जुलाई को विधानसभा में जानकारी दी कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत राज्य में रहने वाले कुल 70 प्रवासियों ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था। इनमें से अब तक केवल 6 आवेदकों को ही नागरिकता प्रदान की गई है। वर्ष 2019 में संसद द्वारा पारित सीएए के नियमों को मार्च 2024 में अधिसूचित कर लागू किया गया था।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सदन में बताया कि असम समझौते (25 मार्च 1971 की कट-ऑफ तारीख) के तहत राज्य में अवैध रूप से रह रहे कुल 1,72,673 विदेशियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से सरकार 31,789 अवैध प्रवासियों को वापस भेजने में सफल रही है। निर्वासन की प्रक्रिया के तहत 470 लोगों को निर्वासित किया गया, 29,663 को सीमा पार भेजा गया, 1,572 को गृह मंत्रालय के निर्देश पर और 84 लोगों को निष्कासित किया गया। वर्तमान में 73,759 संदिग्ध विदेशियों के मामले विदेशी न्यायाधिकरणों (फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल) में लंबित हैं, जबकि 174 विदेशी नागरिक गोलपाड़ा के पारगमन शिविर (ट्रांजिट कैंप) में रखे गए हैं।

मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष के बीच, नागा और मेईतेई समुदायों सहित अन्य गैर-मणिपुरी संगठनों के सदस्यों ने 7 जुलाई को इम्फाल के ख्वैरंबंद इमा बाजार में एकजुट होकर एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए मांग की कि राज्य में शांति बहाल करने के लिए मणिपुर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने कुकी सशस्त्र समूहों के साथ ‘सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस’ (SoO) समझौते को रद्द करने तथा संघर्ष के दौरान गिरफ्तार किए गए मेईतेई और नागा स्वयंसेवकों को तुरंत रिहा करने की मांग की।

इसी दौरान सुरक्षा बलों ने मणिपुर के विभिन्न जिलों में चलाए गए अभियानों में दो नाबालिगों सहित चार संदिग्ध उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से अवैध हथियार, गोला-बारूद और एक संदिग्ध आईईडी (IED) बरामद हुआ है। गिरफ्तार किए गए लोगों में इम्फाल पूर्व से यूएनएलएफ (पम्बेई) का एक कैडर और इम्फाल पश्चिम से प्रतिबंधित नेशनल रिवोल्यूशनरी फ्रंट ऑफ मणिपुर का एक सदस्य शामिल है, जो जबरन वसूली और गोलीबारी की घटनाओं में लिप्त थे। इसके अलावा चूड़ाचंदपुर जिले से कुकी नेशनल फ्रंट (एमसी) के दो किशोर कैडरों को भी जिंदा कारतूसों के साथ पकड़ा गया है।